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कैसा भी हो परिणाम, संभावनाएं अभी और भी हैं

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वाराणसी। परीक्षा का परिणाम मंजिल नहीं होता है। संभावनाओं के द्वार अपार हैं। परिणाम चाहे कैसा भी हो बच्चों पर किसी भी तरह का दबाव ना डालें। उनको हतोत्साहित ना करें। यह कहना है मनोविज्ञानी और शिक्षकों का। वाराणसी से 106254 परीक्षार्थियों की परीक्षा के परिणाम शनिवार को जारी कर दिए जाएंगे। इसमें 57384 हाईस्कूल और 48140 इंटर के छात्र शामिल हैं। शिक्षक और छात्रों का मानना है कि इस बार हर साल से बेहतर परिणाम आने की उम्मीद है। सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. विश्वनाथ दुबे का कहना है कि बोर्ड परीक्षा के परिणाम को लेकर बेहद आशान्वित हैं। उम्मीद है कि इस बार छात्रों ने ज्यादा बेहतर ढंग से परीक्षा दी है तो परिणाम भी उसी हिसाब से आएगा।
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परीक्षा की है घड़ी
परिणाम भी परीक्षा की घड़ी है। अभिभावक और बच्चों के लिए। परिणाम का दबाव बच्चों पर ना बनाएं। बेहतर परिणाम पर प्रोत्साहन अगर देते हैं तो खराब
होने पर उन्हें हतोत्साहित ना करें। बच्चों के मनोबल को कभी ना तोड़ें। - प्रो. टीएन सिंह, कुलपति
ना डालें अपेक्षाओं का भार
अपेक्षाओं के अनुसार परिणाम नहीं आए तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका बच्चा कमजोर है। आप उसको प्रोत्साहित करें कि वह और बेहतर कर सकता है।
अपनी अपेक्षाओं के बोझ तले बच्चों को ना दबाएं।- डॉ. रोहिणी सिंह, मनोविज्ञानी
जीवन में सफलता और असफलता दोनों एक ही सिक्के के पहलू हैं। असफलताएं हमें सीख देती हैं और सफलता आगे बढ़ने का रास्ता। जीवन में यह दोनों जरूरी है। इस बात का ध्यान रखें और किसी भी तरह का दबाव ना बनाएं। - प्रो. राजाराम शुक्ला, कुलपति
परीक्षा के परिणाम का दबाव हर किसी पर अलग-अलग होता है। सभी का मानसिक स्तर समान नहीं होता है। परिणाम का इंतजार और उसके बाद मन मुताबिक रिजल्ट ना आने पर निराशा को हावी ना होने दें। आगे बढ़ें संभावनाओं का संसार आपके लिए खुला है। - नेहा आनंद, मनोविज्ञानी
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