अखिल भारतीय शिक्षा समागम के दूसरे दिन अलग-अलग सत्रों में नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। इस अवसर पर कुलपतियों ने नई शिक्षा नीति को छात्रों में रचनात्मक सोच, तार्किक निर्णय की क्षमता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने वाला बताया।
बेरोजगारी की समस्या का समाधान
नई शिक्षा नीति युवाओं को भविष्य के लिए तैयार क रेगा। वो रोजगार ढूंढने वाले नहीं बल्कि सृजन करने वाले बनेंगे। वहीं इस नीति का दूसरा पक्ष ये भी है कि इसमें हमारी भावी पीढ़ी के मन में भारतीयता की अवधारणा के साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल लर्निंग कभी भी क्लास रूम टिचिंग का विकल्प नहीं बन सकता है।
- प्रो. कल्पलता पांडेय, जननायक चंद्रशेखर बलिया विश्वविद्यालय
युवाओं की योग्यता निखारने का अच्छा मौका
नई शिक्षा नीति शिक्षकों के लिए काफी उपयोगी है। यह छात्रों को उनकी योग्यता निखारने का अच्छा मौका देगी। नई नीति के अनुसार शिक्षा युवाओं की प्रतिभा और कुशलता को नए पंख देगी, जिससे वह विश्व भर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। इसमें उद्योगों के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार होंगे, जो युवाओं के लिए मदद करेगा। नई शिक्षा नीति की सफलता के लिए लोगों को अपने नजरिए व सोच में बदलाव लाना होगा।
- प्रो. रमाशंकर दुबे, केंद्रीय विश्वविद्यालय गुजरात
अंतर्विषयी अध्ययन के साथ युवाओं को शोध का बेहतर मौका
नीति शिक्षण प्रक्रिया में तकनीकी की शिक्षा पर जोर देने के साथ राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच की स्थापना सरीखे नवीन सुधारों पर जोर देती है। यह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी। शिक्षा के इस नए पैटर्न के तहत विश्वविद्यालयों में अंर्तविषयी अध्ययन केंद्र बनेंगे। जहां युवाओं को हर विषय की शिक्षा दी जाएगी। इससे छात्र अपनी प्रतिभा व रुचि के अनुसार विषयों का चयन कर सकता है। यहीं नहीं इनोवेशन लैब उन्हें शोध के प्रति प्रेरित करेगा।
- प्रो. सुखदेव गोहाई, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद
शिक्षा की गुणवत्ता के साथ ही सुधरेगी शोध की गुणवत्ता
देश भर के विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति से नए आयाम मिलेंगे। नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को ढेर सारे अवसर भी प्रदान करेगी। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ ही शोध की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा और इसका फायदा समाज व देश को भी मिलेगा। 30 सालों के बाद तैयार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के इस मसौदे ने शिक्षा जगत के लिए ढेर सारे अवसर उपलब्ध कराए हैं। यह आने वाले सौ सालों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। नई नीति युवाओं को रोजगार खाजने वाला नहीं रोजगार देने वाला बनाएगी। -प्रो. उमेश राय, कुलपति, जम्मू विश्वविद्यालय