वाराणसी। तीन मंडल के 10 जिलों में 12 से अधिक शिक्षकों पर गाज गिर सकती है। सबसे अधिक नियुक्ति और प्रमाणपत्रों में गड़बडि़यां वाराणसी के राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में मिली हैं। शासन ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई तय की जाएगी।
जिले में विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के शिक्षकों की जांच प्रक्रिया पूरी हो गई। तीन मंडल के 10 जनपदों में कई शिक्षकों की नियुक्ति व प्रमाणपत्र संदेह के दायरे में हैं। नियुक्ति व प्रमाणपत्रों में गड़बडि़यों में वाराणसी के बाद मिर्जापुर, बलिया और आजमगढ़ का नंबर है। संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. हिरेंद्र प्रताप सिंह ने शिक्षकों की नियुक्ति और प्रमाणपत्रों की जांच की रिपोर्ट विस्तृत और कारण सहित भेजने का निर्देश दिया है। कहा है कि जांच के दौरान फर्जी, संदेहास्पद और अन्य की जो श्रेणी तय की गई हैं, उसे विस्तृत स्वरूप में पेश किया जाए। इस रिपोर्ट को शासन को भेजा जाएगा और उसी के आधार पर ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि सप्ताह भर के अंदर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके भेजी जाएगी। उधर, अभी तक महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से शिक्षकों की नियुक्ति और प्रमाणपत्रों के प्रत्यावेदन भी मिले हैं। इनकी भी जांच की जा रही है और इन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा।
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सत्यापन का कार्य जांच अधिकारियों द्वारा पूरा किया जा चुका है। शासन को रिपोर्ट भेजने के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। -डॉ. ज्ञान प्रकाश वर्मा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, वाराणसी परिक्षेत्र