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बिना फीस ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित नहीं होंगे छात्र

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वाराणसी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए जहां स्कूल-कॉलेजों में पठन-पाठन ठप है वहीं अब छह जुलाई से ऑनलाइन प्रवेश के साथ ही ऑनलाइन क्लास चलाने का भी फैसला शिक्षा विभाग ने लिया है। इसके लिए शनिवार को निर्देश जारी कर दिया गया, जो सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा। इसमें विद्यालय के प्रधानाचार्य को कोरोना से बचाव के सभी उपायों के के साथ ऑनलाइन क्लास चलाए जाने को कहा गया है।
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फीस को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने कहा है कि ऐसे अभिभावक जो किन्ही कारण वश सभी बच्चों की फीस नहीं जमा कर सकते हैं वह विद्यालय के प्रधानाचार्य को एक लिखित पत्र दे सकते हैं। जिस पर सकारात्मक रूप से विचार करते हुए ऐसे लोगों से आसान किस्तों में शुल्क लिया जा सकता है। बताया कि जल्द ही एक आदेश भी जारी किया जाएगा। कोई अभिभावक शुल्क जमा नहीं करता है तो छात्र को ऑनलाइन पठन-पाठन से वंचित नहीं किया जाएगा और ना ही उसका नाम विद्यालय से काटा जाएगा। फीस के बारे में अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वह जिला शुल्क नियामक समिति को आवेदन दे सकता है ऐसे आवेदनों पर जिला नियामक समिति द्वारा एक सप्ताह में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो अभिभावक नियमित रूप से वेतन ले रहे हैं, बच्चों की फीस वह भी नहीं जमा कर रहे हैं। ऐसे अभिभावकों को अपने बच्चों की फीस जमा करनी चाहिए।
स्टाल लगवाकर दें किताबें
अपर मुख्य सचिव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षक और जिलाधिकारियों को भेजे अपने पत्र में कहा है कि 6 जुलाई से ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण और नए सत्र में प्रवेश संबंधी कार्य भी सुनिश्चित कराई जाए। इसमें उन्होंने शिक्षक-अभिभावक संघ की बैठक करने, ऑनलाइन पठन-पाठन के बारे में उन्हें जानकारी देने को भी कहा है। साथ ही जरूरत पड़ने पर विद्यालयों में स्टाल लगवा कर विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जा सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि नए निर्देश में 15 जुलाई तक ऑनलाइन पढ़ाई की जाएगी।
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