वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर विस्तार की योजना पर अमल के लिए चिह्नित भवनों के अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने के संकेत मिले हैं। मुख्य कार्यपालक समिति के अध्यक्ष मंडलायुक्त आरएम श्रीवास्तव ने मंगलवार की दोपहर प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज, प्रशासनिक भवन और
श्रद्धालुओं की सुविधाओं के मद्देनजर बिक्री केंद्र की स्थापना के लिए मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया।
इसके बाद देर शाम जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने अधिग्रहण के दायरे में आने वाले
भवनों के साथ ही मंदिर परिसर का निरीक्षण कर भवनों के मूल्यांकन का काम पूरा कराने की हिदायत दी। बुधवार को आर्किटेक्ट के साथ मास्टर प्लान तैयार कराया जाएगा।
छत्ताद्वार से सरस्वती फाटक के बीच प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज के साथ ही गर्भगृह तक 30 फीट चौड़ी सड़क बनाने की योजना को मूर्त रूप देेने के लिए भवनों के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू
होगी। मंडलायुक्त ने डीएम के अलावा मुख्य कार्यपालक अधिकारी अजय कुमार अवस्थी, प्रभारी एसएसपी राहुल राज, अपर मुख्य कार्यपालक पीएन द्विवेदी, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, राजकीय निर्माण निगम के अभियंताओं के साथ अपने कैंप कार्यालय में इस मसले पर बैठक की। उन्होंने कहा कि विट्ठलनाथ
अग्रवाल भवन, पांचों पांडव धर्मशाला, काशी करवत, मिर्जापुर मठ, एसपी सुरक्षा कार्यालय, गोयनका भवन, व्यास भवन समेत अन्य भवनों का अधिग्रहण कर उनको मंदिर के उपयोग में जल्द लाया जाए। विस्तारीकरण योजना के तहत श्रद्धालुओं की
सुविधा के लिए तीन नए चेक प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। प्रशासनिक भवन कारमाइकल लाइब्रेरी की जगह बनेगा। उसी में एसपी सुरक्षा, अग्नि शमन के भी अधिकारी बैठेंगे। दो बेसमेंट के अलावा पार्किंग भी होगी।
प्रवेश गैलरी के दोनों तरफ प्रसाधन, क्लाक रूम, प्रसाद बिक्री केंद्र, मेडिकल सुविधा केंद्र, एटीएम, पीसीओ के अलावा रिसेप्शन के लिए भी स्थान चिह्नित करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने शाम को अफसरों के साथ मंदिर परिसर का मुआयना किया और अफसरों को दिशा-निर्देश दिए।