ई-टिकटिंग और तत्काल टिकट की धांधली में गिरफ्तार जौनपुर के अनिल गुप्ता ने पांच वर्ष में ही इतनी संपत्ति बना ली कि उसने एक प्लाट खरीदने के लिए वाजिब कीमत से अधिक बोली लगा दी।
सीबीआई के हत्थे चढ़ा अनिल गुप्ता चार भाइयों में सबसे बड़ा है। चारों भाई मुंबई में रहते थे। छोटा भाई बीमारी के चलते पहले से ही घर पर रहने लगा था। अनिल पिछले एक साल से अधिकतर गांव में ही रह रहा था।
बीच-बीच में उसका मुंबई आना-जाना लगा रहता था। टिकट की काली कमाई से अर्जित धन को सफेद करने के लिए वह इन दिनों जमीन खरीदने में जुटा था। करीब एक साल पहले उसने शहर से करीब कचगांव रोड पर एक प्लाट खरीदा था।
सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाला अनिल करीब आठ माह पहले उस समय चर्चा में आया था जब उसने शहर में हाईवे पर स्थित एक प्लाट खरीदने के लिए दूसरों से तीन लाख अधिक 10 लाख रुपये की बोली लगाई थी। हालांकि उस जमीन को वह नहीं खरीद सका।
उसने गांव से अधिक अचल संपत्ति मुंबई में खरीद रखी है। पिछले 15 दिनों से वह एक जमीन के सौदे में जुटा था। नाथूपुर गांव के कुछ सूत्रों पर भरोसा करें तो पिछले दस दिनों में उसने तीन प्लाटों की रजिस्ट्री कराई है। उसके पास करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ।