वाराणसी। जाम की समस्या से झेलने वाले सघन आबादी वाले बनारस शहर में नए वैकल्पिक मार्ग की तलाश के साथ इस पर काम शुरू हो गया है। ई-रिक्शा कॉरिडोर के तौर पर इसे विकसित किया जाएगा। नक्खी घाट से इसकी शुरुआत हो गई है। 103 लाख की लागत से बनने वाले ई-रिक्शा कॉरिडोर को तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अखिलेश एसोसिएट्स को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वीडीए वीसी राहुल पांडेय ने बताया कि 88 मीटर लंबी व तीन मीटर चौड़ी रैंप बनाकर केवल ई-रिक्शा को उतारा जाएगा। वहीं पर्यटकों के लिए पुराना पुल, वरुणा ब्रिज व नक्खी घाट पर सीढ़ी भी बनाई जाएगी। रैंप व सीढ़ी नदी के दोनों छोर पर बनेंगे ताकि एक तरह से ई-रिक्शा उतारकर दूसरे तरफ से उसे चढ़ाया जा सके।
पुराना प्रवेश द्वार रहा है पुराना पुल
सम्राट अशोक के समय में पुराना पुल को ही पार करके लोग पुरानी काशी में प्रवेश करते थे। इस पुल के दोनों छोर पर आज भी अशोक महान के चार अशोक स्तंभ मौजूद हैं। इसलिए वीडीए ने भी इस जगह का ऐतिहासिक महत्व कायम रखने के लिए यहां भी रैंप व सीढ़ी बनाने का प्रस्ताव रखा है।
सिटी फारेस्ट के निर्माण से पहले ऊंदी ताल पर होगा पौधरोपण
वाराणसी। ऊंदी ताल में बनने वाले सिटी फारेस्ट से पहले वहां वीडीए पौधरोपण कराएगा। पैमाइश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वहां पर पौधरोपण करके एक सीमा खिंची जाएगी। कमिश्नर दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में मंगलवार की शाम हुई बैठक में यह निर्णय हुआ कि राजस्व विभाग रकबा का सीमांकन करके उसकी रिपोर्ट देगा जिसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।
50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए रोस्टर बनाने का काम शुरू
वाराणसी। वीडीए में 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए रोस्टर बनाने का काम शुरू हो गया है। वीसी राहुल पांडेय ने बताया कि मुख्य सचिव के आदेश के बाद रोस्टर बनाया जा रहा है। इसी हफ्ते इसे लागू भी कर दिया जाएगा।