सेंट्रल जेल के अधीक्षक राधा कृष्ण मिश्रा ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था से रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और दस्तावेजों की निगरानी करना आसान होगा। साथ ही विभिन्न कार्यों की ऑनलाइन ट्रैकिंग भी संभव हो सकेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से बंदियों से जुड़े मामलों, विशेषकर रिहाई से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और समय पर निर्णय लिया जा सकेगा।
जेल प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन भी समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो भविष्य में अन्य जेलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।