Varanasi News: वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज अधिकारियों के अनुसार, 100 पीएम ई-बसें शहर में आने वाली हैं। पहले से संचालित डीजल की 90 बसें बाहर हो जाएंगी। यह बसें अपनी अवधि पूरी कर चुकी हैं। कैंट बस स्टेशन, अखरी बाईपास, बड़ालालपुर-पांडेयपुर रोड स्थित मढ़वा और सारनाथ में चार्जिंग स्टेशन बनाया जा रहा है।
सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज की अधिकतर ई-बसों की बैटरी जवाब दे रही है। साल भर पुरानी और एसी चलने से एक ही चक्कर बैटरी डिस्चार्ज हो जा रही है। वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के बेड़े में 50 ई-बसें हैं। डिपो से एक बार फुल चार्ज होकर 160 किमी बसों का संचालन होता है।
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इस समय तापमान इतना अधिक है कि गर्मी में वातानुकूलित बसें ज्यादा देर तक चलने के दौरान बंद हो जा रही हैं। किसी तरह यात्रियों को दूसरी बसों में शिफ्ट कराकर भेजा जाता है। एआरएम एके सिंह के अनुसार, बसों की चार्ज करने के लिए मिर्जामुराद चार्जिंग स्टेशन भेजना पड़ता है। बैटरी के अभाव में आठ ई-बसें डिपो में खड़ी हैं।
बढ़ती गर्मी से साधारण रोडवेज बसों को नहीं मिल रहे यात्री
तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोग घर से नहीं निकल रहे हैं। इस कारण रोडवेज बस डिपो कैंट पर अधिकतर बसें खाली रह रही हैं। इससे चालक-परिचालक खाली बैठे हैं। सुबह धूप निकलने से पहले और शाम 4 बजे के बाद ही यात्रियों की चहल-पहल दिखाई दे रही है। लंबी दूरी की बसों के अलावा कम दूरी की भी ज्यादातर बसें सुबह और शाम ही चल रही हैं।
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कैंट बस स्टेशन से आसपास के जिलों के अलावा लखनऊ, गोरखपुर, शक्तिनगर, प्रयागराज, कानपुर अन्य रूटों पर साधारण बसों में यात्री सवार नहीं होना चाहते हैं। ज्यादातर यात्रियों का झुकाव वातानुकूलित बसों की ओर है। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार सुबह और शाम के समय बसें भर जा रही हैं। जबकि दोपहर के समय दो से तीन बसें ही निकल रही हैं।
वहीं, रोडवेज बस स्टेशन पर इस समय सबसे अधिक बोतलबंद पानी की बिक्री हो रही है। क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने बताया कि गर्मी से बचाव को लेकर सभी उपाय किए गए हैं। यात्रियों की भीड़ के हिसाब से बसों का संचालन विभिन्न रूटों पर कराया जा रहा है।