पांच दृश्यावलियों के जरिये परखी तैयारी
बरेका संस्थान के हॉल में रूपक की तैयारियां परखी गईं। रिहर्सल हुआ। रूपक निदेशक एसडी सिंह की देखरेख में पांच दृश्यावलियों के जरिये राम वनगमन से रावण वध, पुतला दहन तक के प्रसंगों का मंचन किया गया। संवादों के साथ गीतों को भी रूपक का हिस्सा बनाया गया है।
करीब ढाई घंटे चलने वाले रूपक के बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। बरेका और आसपास के क्षेत्रों के अलावा दूसरे जनपदों से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं। -एसडी सिंह, निदेशक, रूपक
नयापन लाने के उद्देश्य से इस बार एक सिर वाले रावण के पुतला का निर्माण किया जा रहा है। -अनूप सिंह वत्स, महामंत्री, विजया दशमी समिति