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दुर्गा पंडालों में होगी अंतरिक्ष की सैर

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वाराणसी। दुर्गा पूजा पर शहर के पंडालों में श्रद्धालुओं को अंतरिक्ष का नजारा देखने को मिलेगा। मां बागेश्वरी देवी के पंडाल में 2021 में लांच होने वाले चंद्रयान-3 मिशन को सजाने की तैयारियां की जा रही हैं। वहीं अर्दली बाजार स्थित न्यू डिलाइट क्लब दुर्गा पूजा समिति की ओर से चंद्रयान-2 की झलक देखने को मिलेगी। इसके अलावा कहीं सोमनाथ का मंदिर, कहीं गुरुद्वारा तो कहीं अनुच्छेद 376 हटाने की झलकियों को भी दिखाया गया है।
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मां बागेश्वरी दुर्गा पूजा समिति इस साल भी श्रद्धालुओं के लिए खास तैयारियां कर रहा है। जैतपुरा स्थित मां बागेश्वरी देवी दुर्गा पूजा समिति की ओर से इसरो और चंद्रयान पर आधारित पूजा पंडाल को सजाया जा रहा है। कोलकाता से आए कारीगर पंडाल का स्वरूप देने के प्रयास में जुटे हुए हैं। 85 फीट ऊंचे और 40 फीट चौड़े पंडाल में इसरो कार्यालय, चंद्रयान-2 और 2021 में लांच होने वाले चंद्रयान-3 की झांकी देखने को मिलेगी। सप्तमी पर विधि विधान से मां दुर्गा की प्राण-प्रतिष्ठा कर पंडाल का द्वार भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा।
अर्दली बाजार की न्यू डिलाइट क्लब दुर्गा पूजा समिति का पंडाल भी अंतरिक्ष की सैर भी कराएगा। जहां देवी विराजेंगी वहां चंद्रमा की झलक मिलेगी। लगभग 80 फ ीट ऊंचे पूजा पंडाल को चंद्रयान-2 का रूप दिया जा रहा है। कोलकाता से आए दो दर्जन कारीगर दिलीप दा के नेतृत्व में पंडाल को अंतिम रूप देने में लगे हैं। क्लब समिति के अनुसार 43वें साल में भी पहले की तरह पूजनोत्सव तीन दिवसीय होगा। दशमी पर भंडारा से समापन होगा।
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हवा में लटकते एस्ट्रोनॉट और लाइटिंग होगी आकर्षण का केंद्र
मां बागेश्वरी देवी पूजा समिति के पंडाल में हवा में लटकते स्टोर नोट और लाइटिंग मेला प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र होंगे। पूजा समिति के लोगों ने बताया कि पूजा पंडाल में छह एस्ट्रोनॉट, इसरो चीफ के. सिवन, लैंडर विक्रम को दिखाया जाएगा। इसके अलावा पूजा पंडाल में इसरो कंट्रोल पैनल, चांद की रोशनी और कई तरह के विद्युत झालर लगाए गए हैं। पूजा पंडाल के मुख्य द्वार पर दो एस्ट्रोनॉट हवा में झूलते हुए आए हुए लोगों का स्वागत करेंगे।
बच्चों ने मिलकर तैयार किया एस्ट्रोनॉट
छह फ ीट से लेकर चार फ ीट तक के एस्ट्रोनॉट को स्कूली बच्चों ने मिलकर तैयार किया है। अर्थ जायसवाल, पार्थ जायसवाल, सुमित, लक्ष्य समेत करीब आधा दर्जन बच्चों ने बताया कि वह एक माह से एस्ट्रोनॉट बना रहे थे। एस्ट्रोनॉट बनाने के लिए उन्होंने कार्डबोर्ड, हेलमेट, पेंट, जूते समेत अन्य घरेलू सामानों का उपयोग किया है।
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