वाराणसी। रिमझिम फुहारों के बीच बुधवार को अनादिकालेश्वर बाबा श्री कपाल भैरव (प्रसिद्ध लाट भैरव) के तिलकोत्सव की पारंपरिक रस्म हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ निभाई गई। हल्की बारिश के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते बाबा के तिलकोत्सव में शामिल हुए। मध्यरात्रि विशेश्वरगंज सब्जी मंडी में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तिलकहरुओं ने बाबा लाट भैरव के मस्तक पर तिलक सुशोभित किया। इस पावन अवसर पर पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और बाबा लाट भैरव के जयकारों से गुंजायमान रहा।
दूल्हा बनने से पहले राजशाही ठाठ से शहर के भ्रमण पर निकले बाबा लाट भैरव की लोगों ने जगह-जगह आरती उतारी और बाबा पर पुष्पवर्षा की गई।श्री कपाल भैरव अथवा लाट भैरव प्रबंधक समिति के तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव की शुरुआत कज्जाकपुरा स्थित मंदिर प्रांगण से हुई, जहां देर शाम से ही थाल और परातों में सजी तिलक सामग्रियों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। मुख्य अतिथि विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने भगवान गणेश की प्रतिमा व पीले अक्षत का परात सिर पर धारण कराकर शोभायात्रा का शुभारंभ कराया।
शोभायात्रा में 101 थालों में पांच प्रकार के फल, नैवेद्य, वस्त्राभूषण, पुष्पहार, दही, खोवे की मछली, बनारसी पान और ताम्बूल जैसी सामग्रियां शामिल थीं। धर्म ध्वजा, बैंड-बाजे, डमरू दल और डीजे की धुन पर थिरकते भक्तों के साथ यह यात्रा जलालीपुरा, तेलियाना, हनुमान फाटक, बलुआबीर, अंबियामंडी, कतुआपूरा, जतनबर और भैरवनाथ चौराहा होते हुए विशेश्वरगंज पहुंची, जहां समिति के उपाध्यक्ष बसंत सिंह राठौर ने तिलकहरुओं का आलिंगन कर स्वागत किया।
विशेश्वरगंज सब्जी मंडी स्थित शीतला माता मंदिर प्रांगण में रजत मुखौटे से सुशोभित बाबा लाट भैरव के भाल पर आचार्य रविंद्र त्रिपाठी के आचार्यत्व में समिति के अध्यक्ष व पार्षद रोहित जायसवाल ने विधि-विधान से तिलक चढ़ाया। इसके बाद भैरवाष्टकम् और भैरव स्तुति के पाठ के साथ तिलकोत्सव की रस्म पूर्ण हुई। उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित भंडारे में भक्तों ने पूड़ी, सब्जी, चटनी और खीर का प्रसाद ग्रहण किया। परंपरा के अनुसार, बृहस्पतिवार को महिलाएं बाबा को हल्दी लगाएंगी। आयोजन में नंदलाल प्रजापति, मुन्ना लाल यादव, छोटन केशरी, विक्रम सिंह राठौर, शिवम अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विश्वेश्वरगंज में बाबा लाट भैरव को तिलक चढ़ाते श्रद्धालु। अमर उजाला