मई महीने में गिरफ्तार हुए थे ड्रग्स तस्कर देवेंद्र और महेंद्र मिश्रा।
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Varanasi Crime: कमिश्नरेट पुलिस और एसटीएफ ने नौ महीने में तीन करोड़ के गांजा (577 किलो) व अन्य मादक पदार्थों की बरामदगी की है। छह से ज्यादा तस्कर गिरफ्तार हुए थे। अब तक किसी भी मामले में असली डीलर और पैडलर नेटवर्क तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है। सप्लाई चेन तक ही पुलिस नहीं पहुंच सकी है।
आरोपियों से पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गांजे की खेप ओडिसा और पश्चिम बंगाल से लाकर वाराणसी समेत पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में खपाई जाती है। तस्करी के लिए ट्रक, पिकअप और निजी वाहनों का प्रयोग होता है। हर कार्रवाई में पुलिस के हाथ सिर्फ सप्लाई करने वाले तस्कर या ट्रांसपोर्टर ही लगते हैं। जबकि डीलर, पेडलर और नेटवर्क तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है।
बंगाल और ओडिसा से माल भेजने वालों का भी पता नहीं चल सका है। इतनी बड़ी मात्रा में कौन डील कर रहा है, इस बारे में भी पुलिस के हाथ खाली हैं। जबकि ट्रांजिट पॉइंट के रूप में झारखंड और छत्तीसगढ़ के रास्ते पूर्वी उत्तर प्रदेश में इनकी सप्लाई होती है।
बड़े नेटवर्क को उजागर करने के लिए टीम लगातार काम कर रही है। ड्रग्स माफिया को गिरफ्तार किया गया। गैंगस्टर की कार्रवाई भी हुई। हर गतिविधियों पर कमिश्नरेट पुलिस की नजर है। गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। - सरवणन टी, डीसीपी अपराध