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Varanasi News: कफ सिरफ की नई खेप नहीं मंगा रहे दवा विक्रेता, पुराना माल भी अटका

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जालसाजी का मामला सामने आने के बाद सकते में हैं दवा कारोबारी, अधिकारी बोले, डरने की जरूरत नहीं
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माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। कफ सिरप प्रकरण के बाद सप्तसागर मंडी में नई खेप दवा कारोबारी नहीं मंगा रहे हैं। पहले से पड़ा कफ सिरफ का स्टॉक अटक गया है। थोक विक्रेता भी कफ सिरफ देने से कतरा रहे हैं। सप्तसागर मंडी में 700 दवा की थोक दुकानें हैं। रोज वाराणसी के साथ ही गाजीपुर, जौनपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर सहित पूर्वांचल के जिलों में दवाइयां जाती हैं। जब से कोडीनयुक्त कफ सिरफ की जालसाजी का खुलासा हुआ है और दवा विक्रेताओं पर प्राथमिकी हुई है। रोहनिया, रामनगर में सिरप की बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी है। खांसी की समस्या पर दी जाने वाली कफ सिरफ में फेंसाडील, एस्कॉफ तो इस समय मार्केट में नहीं दिख रही है। अन्य कंपनियों की दवा भी मंडी में नहीं आ रही है। जिस तरह से ड्रग विभाग से लेकर एसटीएफ की ओर से दवा विक्रेताओं से पूछताछ करने और रिकॉर्ड मंगवाए जा रहे हैं, उसको लेकर दवा कारोबारी भी सकते में हैं। जालसाजी में जिनका नाम सामने आया है, उन पर तो कार्रवाई हो रही है, अन्य कारोबारी भी डरे हुए हैं। यहीं वजह है कि कफ सिरप का नया स्टॉक नहीं मंगवा रहे हैं।
कफ सिरप मामले में जो भी जांच चल रही है, उसमें दवा विक्रेता समिति के सभी सदस्य सहयोग कर रहे हैं। पुलिसिया हस्तक्षेप के बाद से कहीं न कहीं दवा व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है। सरकार से मांग है कि दवा विक्रेता जांच में सहयोग कर रहे हैं तो परेशान न किया जाए। इसी मामले में जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन आयुक्त से मिलकर अपनी बात रखेगा। -संजय सिंह, महामंत्री, दवा विक्रेता समिति
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कफ सिरप के मामले में नियमानुसार जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। दवा विक्रेताओं को किसी तरह से डरने की जरूरत नहीं है। जांच में सहयोग करने के साथ ही वह अपना काम नियमानुसार करें। - जुनाब अली, ड्रग इंस्पेक्टर
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