अब तीसरी लहर की आशंका में बच्चों पर प्रभाव की बात कही जा रही है। ऐसे में कुछ अस्पतालों को बच्चों के हिसाब से विकसित करने की तैयारी है। इसमें एक्सपर्ट टीम अध्ययन के आधार पर सुझाव भी देगी। काशी कोविड कमांड सिस्टम ने संक्रमण की रोकथाम के लिए बहुत अच्छा काम किया।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि डीआरडीओ के अस्पताल का अपोलो हास्पिटल से करार हुआ है। इसमें प्रशिक्षण आदि के साथ नए प्रयोगों का लाभ यहां मिलेगा। कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के दौरान 54 एचएफएनसी था, अब उसमें 35 का इजाफा हो गया है।
उन्होंने बताया कि आरएनए मशीन लगने से अब 10 हजार सैंपल की जांच की जा रही है। पीएमओ की निगरानी के चलते प्रतिदिन 700 रेमडेसिविर उपलब्ध हुआ और अस्पतालों में बेड की सुविधा के चलते अब आसपास के जिलों को भी लाभ मिल रहा है।
वाराणसी डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि जिले के आठ सीएचसी में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए गए हैं। 24 घंटे यहां सुविधाएं मिल रही है और सीएचसी प्रभारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गांवों में टीम अब तक 70 हजार लक्षण वाले मरीजों को दवा किट पहुंचाई गई है। सीएसआर और लोगों की मदद से आक्सीजन प्लांट से लेकर बहुत सुविधाएं मुहैया हो पाईं।