मंच से कविता गुनगुनाते और श्रोताओं से संवाद करते डॉ कुमार विश्वास
- फोटो : Amar Ujala
ठंड लगने पर शहीदों को किया याद
कविता पाठ करते समय कुमार विश्वास ने एक ऊनी टीशर्ट पहना था। ठंड लगने पर लोगों ने कुमार विश्वास को जैकेट पहनने को कहा तो उन्होंने कहा कि सियाचिन के बार्डर पर भी मिर्जापुर का कोई बेटा ड्यूटी दे रहा होगा। वो सैनिक कड़ी ठंड में सजग ड्यूटी कर रहा है तभी इस साउथ कैंपस में हम आसानी से कार्यक्रम कर रहे हैं। पुलिस के कार्य को भी सराहा। कहा कि पुलिस के लोग अपने परिवार के साथ त्योहार नहीं मना पाते और हम विरोध में उन पर पत्थर बरसाते हैं।
जब कुमार ने पूछा हाल, कहा-अउर कइसन बा
डा. कुमार विश्वास ने दक्षिणी परिसर में कार्यक्रम में मौजूद लोगों से भोजपुरी में संवाद करते हुए कहा-अउर कइन बा। लोगों ने भी जवाब देते हुए कहा-की सब ठीक बा। मिर्जापुर में लोगों पर कालीन भैया का पानी चढ़ गया है।
कोई दीवाना कहता है गाकर आचार्य प्रभारी ने किया स्वागत
कार्यक्रम का शुभारंभ होने पर आचार्य प्रभारी प्रो. रमादेवी निम्मानापल्ली ने स्वागत उद्बोधन करते हुए कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है गाकर डा. कुमार विश्वास का स्वागत किया। अध्यक्षयीय उद्बोधन रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला ने किया। मंच पर डा. आरएस मिश्रा, लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर कौस्तुव चटर्जी, नवीन कुमार, कृष्णकांत आदि रहे।