रोड शो के बाद अखिलेश यादव और राहुल गांधी शनिवार की शाम पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर बरसे। गिरजाघर पर हुई सभा में अखिलेश के साथ राहुल भी पूरे तेवर में थे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने बहुत मेहनत कर ली, अब उन्हें आराम की जरूरत है। 2019 तक उन्हें गुजरात भेज देंगे। भाषण के दौरान ही समर्थक नारेबाजी करने लगे तो राहुल ने कहा कि अगर आपके दिल में गुस्सा है तो मुर्दाबाद के नारे नहीं बल्कि चुनाव के दिन ईवीएम के बटन दबाइए। अखिलेश ने कहा कि मोदी जी जनता तीन साल का हिसाब मांग रही है, अब भागने से काम नहीं होगा।
श्याम देव रायचौधरी का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि दादा बिजली के लिए धरने पर बैठे थे, भूख हड़ताल की। उन्हें मैंने लखनऊ बुलाया था। उनके कहने पर 24 घंटे बिजली दी लेकिन भाजपा ने उनका ही टिकट काट दिया। राहुल ने कहा कि मोदी को अपने ही लोगों पर भरोसा नहीं है। खुद विदेश जाते हैं लेकिन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को नहीं ले जाते। गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पास कोई काम नहीं है। आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे बड़े नेता को मोदी ने किनारे लगा दिया।
राहुल ने कहा कि बनारस में साड़ी बनती है। इटावा में आलू और मटर होता है। हर जिले की पहचान के हिसाब से रोजगार को बढ़ावा देंगे। जितना पैसा मोदी ने विजय माल्या को दिया उतना पैसा हम युवाओं और किसानों को देंगे। राहुल ने लोगों से पूछा कि मोदी के वादे के मुताबिक क्या उन्हें मुफ्त इंटरनेट, फोरलेन, काशी में फिल्म सिटी में से कुछ मिला क्या? नोटबंदी पर कहा कि किसान इससे बर्बाद हो गए। राहुल और अखिलेश ने 250 से 300 सीटें जीतने का दावा किया। हालांकि सबसे पहले अखिलेश ने डिंपल को बोलने को कहा। डिंपल ने सभी का आभार जताते हुए साइकिल और पंजे पर वोट देने की अपील की। तीनों नेताओं ने रोड शो को एतिहासिक बताया। कहा वाराणसी में अब तक ऐसा रोड शो नहीं देखा है।