बीएचयू में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शुरू हो गया। पूरे 1300 एकड़ के कैंपस में बने आवासों को 15 हिस्सों में बांटकर सफाई कर्मियों ने कचरा इकट्ठा किया। हरा, नीला और लाल रंग की डस्टबिन में अलग-अलग तरह के कचरों को डाला गया। ठोस कचरों के प्रबंधन के लिये बीएचयू ने ये काम शुरू किया है।
बीएचयू के सफाई एवं सहायक सेवाएं इकाई कार्यालय के प्रो. आलम ने झंडी दिखाकर इस अभियान की शुरुआत की। अब तिपहिया वाहन सभी 15 क्षेत्रों में रोज सुबह 10 बजे तक घरेलू कचरा उठाने के लिए जाएंगे। एकत्रित कचरे को फिर एक वाहन में डालकर इसे नए बीएचयू प्रेस के पास डंपिंग यार्ड में ले जाएगा। वहां से इसे वाराणसी के करसड़ा प्लांट में भेजा जाएगा। बीएचयू और नगर निगम के बीच इस पर सहमति अंतिम चरण में है।
19 ट्राइसाइकिल और जेसीबी भी लगाई
हरे डस्टबिन में खाद निर्माण के लिए खाद्य सब्जियों के कचरे को डाला गया। नीले में गैर-जैविक कचरे जैसे कि पॉलिथीन, प्लास्टिक और कांच, वहीं लाल में स्प्रे, पेंट, इलेक्ट्रॉनिक कचरा, कीटनाशक, सीरिंज, दवाएं और सैनिटरी नैपकिन को डाला गया। इन कचरों को इकट्ठा करने के लिये 19 ट्राइसाइकिल, चार टाटा एस वाहन, एक ट्रैक्टर-ट्रेलर, एक कम्पेक्टर वाहन और एक जेसीबी शामिल हैं। इसके अलावा पांच और ट्राइसाइकिलें खरीदी जा रही हैं। एक फॉगिंग मशीन और एक सैनिटरी इंसीनरेटर भी जल्द आने वाला है।