श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में लगाए दरवाजों पर लिखे गए दानदाताओं के नाम अब हटेंगे। दो दिनों के अंदर मंदिर प्रशासन की ओर से कुंभाभिषेकम से पूर्व लगवाए गए दो रजत मंडित द्वार और चौखट हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके साथ ही दोनों द्वार पर अंकित किए गए यजमानों के नाम भी मिटाए जाएंगे। विशेषज्ञों की टीम इस कार्य को अंजाम देगी।
श्री काशी विश्वनाथ न्यास परिषद की 95वीं बैठक में बदले गए दरवाजों पर दानदाताओं एस सुब्बु सुंदरम और इफको द्वारा नाम लिखवाने पर चर्चा की गई थी। न्यास परिषद के अध्यक्ष ने इसे मंदिर की परंपराओं के खिलाफ बताया था। इसके मद्देनजर न्यास परिषद ने दरवाजों पर लिखवाए गए नाम हटवाने का निर्णय लिया था।
मंदिर के गर्भगृह में दक्षिण भारत के दानदाता एस सुब्बु सुंदरम ने उत्तरी द्वार को रजत मंडित कराया था। वहीं इफको ने पूर्वी द्वार पर अपनी कंपनी का नाम अंकित कराया था। बताया जा रहा है कि मंदिर के दरवाजे लगाए जाने के चार महीने के अंदर ही रंग बदलने लगे थे।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि दोनों दरवाजों पर अंकित कराए गए नाम को दो दिन के अंदर हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मंदिर के दोनों द्वार को उनके मूल स्वरूप में स्थापित कराया जाएगा।