जिला पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अजय प्रताप सिंह का कहना है कि सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों को पकड़कर नसबंदी का अभियान चलाया जा रहा है। जहां तक 4200 पालतू कुत्तों के पंजीकरण न करवाने की बात है तो लोग इसके लिए आगे नहीं आते हैं। अब निगम के तहत आने वाले वार्डों में पार्षदों से सहयोग लेकर सर्वे कराया जा रहा है।
लोगों को कुत्तों का पंजीकरण कराने के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। कुत्ता काटने की घटना के बाद इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पीके सिंह का कहना है कि जब भी किसी को कुत्ता काटे तो उस जगह को साबुन से करीब आधे घंटे तक रनिंग वाटर से धुलाई करते रहें।
इसके बाद उस जगह को खुला छोड़ देना चाहिए। कोशिश यह होनी चाहिए कि 24 घंटे के भीतर टिटनेस और एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवाएं। अगर घर में पालतू कुत्ते हैं तो उसे भी जरूरी वैक्सीन लगवानी चाहिए।