सर्दी के मौसम में आवारा कुत्ते लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। पिछले छह दिन में ही 300 लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बना लिया। इसमें गंभीर रूप से जख्मी 65 लोगों को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज करवाना पड़ा। कुछ के हाथ, पैर तो कुछ के चेहरे तक को कुत्तों ने नोचा डाला। अस्पताल पहुंचे मरीजों में 2 साल की बच्ची से लेकर 70 साल तक के बुजुर्ग तक शामिल रहे।
उधर, मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, शास्त्री अस्पताल रामनगर सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को मिलाकर तकरीबन 250 से ज्यादा लोगों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहरी क्षेत्रों भेलूपुर, डाफी, रविंद्रपुरी, मैदागिन के 100 से ज्यादा मरीजों का इसमें भी कुत्ता काटने की समस्या लेकर अस्पताल पहुंचना चिंता का विषय है।
कुत्ता काटने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ने का निर्देश समय-समय पर दिया जा रहा है लेकिन अभी भी कुत्ते शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर काॅलोनियों, अस्पताल तक घूम रहे हैं। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर से लेकर सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। इस बीच पिछले छह दिन में ही 300 लोगों को कुत्तों ने काट लिया। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में जो 65 गंभीर रूप से घायल लोग पहुंचे। इसमें मिर्जापुर 3, गाजीपुर 2, बिहार बक्सर से 3 मरीजों के साथ ही सोनभद्र से भी 2 मरीज आए बाकी 55 मरीज वाराणसी के रहे। इसके अलावा डाफी, भेलूपुर, सामनेघाट को मिलाकर 20 से ज्यादा मरीज रहे।
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उधर, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में मैदागिन, बड़ी पियरी,औसानगंज, आदमपुर जैसे इलाकों के लोग एआरवी लगवाने पहुंचे। स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर में भी रविंद्रपुरी, भेलूपुर, खोजवा जैसे इलाके से पिछले छह दिन में 50 लोगों ने एआरवी लगवाई। जिला अस्पताल में पांडेयपुर, अर्दली बाजार, चौबेपुर तो शास्त्री अस्पताल रामनगर में पड़ाव, सामनेघाट, पंचवटी, कटेसर के लोगों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई।