16 साल बाद युवक की लौटी आवाज, सुनाई भी दे रहा
गाजीपुर निवासी दो सगे भाईयों में भी देखने को मिली। बड़े भाई की उम्र 28 जबकि छोटे की उम्र 18 साल है। दोनों भाईयों को इलाज के लिए उनकी बहन बीएचयू ईएनटी डिपार्टमेंट में लेकर आई। प्रो. विश्वंभर सिंह का कहना है कि इसी सप्ताह बुधवार को बड़े भाई को इप्लांट लगाया गया।
बहन ने बताया कि 12 साल बाद से ही भाई की सुनने-बोलने की क्षमता गायब हो गई। धीरे धीरे उसकी खोई क्षमता वापस आ रही है। फिलहाल वह बीएचयू में अभी भर्ती रहेगा। अगले सप्ताह बुधवार को छोटे भाई की सर्जरी कर उसको भी इंप्लांट लगाया जाएगा। इसकी समस्या जन्म के 5 साल बाद से होने लगी।
अनुवांशिकी होती है ये समस्याएं, अध्ययन की है तैयारी
प्रो.विश्वंभर के अनुसार इस प्रक्रिया में विभाग के प्रो. राजेश कुमार के साथ ही डॉ. रामराज यादव, डॉ. जेफरी, डॉ. विवेक, डॉ. सृष्टि सहित अन्य लोगों का भी पूरा सहयोग रहा। इस तरह की समस्या में सरकार की ओर से भी सहायता धनराशि दी जाती हैं। इसके लिए परिजनों को जानकारी देने के साथ ही उनकी कागजी कार्रवाई भी पूरी करवाई जाती है।
कहा कि अभी तक विभाग में करीब 200 से अधिक लोगों को इंपलांट लगाया जा चुका है। अधिकांश लोगों में अनुवांशिक वजह से ही इस तरह की समस्याएं देखने को मिली है। बच्चों से लेकर बड़ों तक होने वाली इस बीमारी के सही कारणों का पता लगाने के लिए अध्ययन करने की तैयारी है। इस दिशा में भी कार्रवाई शुरू हो गई है।