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बीएचयू में डॉक्टरों को पीटा: मुंह बांधकर पहुंचे युवकों ने की मारपीट, तीन घंटे बंद रही गैस्ट्रोलॉजी की ओपीडी

Tue, 12 May 2026 11:35 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi Crime News: बीएचयू अस्पताल के गैस्ट्रोलॉजी की ओपीडी में मुंह बांधकर घुसे युवकों ने डॉक्टरों के साथ मारपीट की। घटना के बाद तीन घंटे तक ओपीडी बंद रही। इस दौरान 200 मरीज बिना इलाज लौटे।
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BHU Hospital - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू अस्पताल के गैस्ट्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में सोमवार दोपहर में रेजिडेंट डॉक्टरों की छात्रों ने पिटाई कर दी। 1 बजे हुई घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। जो मरीज और तीमारदार डॉक्टर को दिखाने के लिए खड़े थे वह इधर-उधर भागने लगे। आरोप है कि मुंह बांधकर आएं 5-6 छात्रों ने मरीज को पहले दिखाने के नाम पर मारपीट की। जिस समय घटना हुई, वहां विभागाध्यक्ष डॉ. देवेश प्रकाश यादव ओपीडी में बैठे थे। डयूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहे। नाराज होकर विभागाध्यक्ष समेत अन्य रेजिडेंट ओपीडी छोड़कर चले गए। इस वजह से 200 मरीजों को निराश लौटना पड़ा।

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सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) के भूतल पर गैस्ट्रोलॉजी विभाग की ओपीडी चलती है। सोमवार को विभागाध्यक्ष डॉ. देवेश प्रकाश यादव और अन्य रेजिडेंट अलग-अलग कमरों में मरीज देख रहे थे। बाहर हाथ में ओपीडी का पर्चा लेकर मरीज, तीमारदारों के साथ खड़े थे। दोपहर एक बजे 5-6 की संख्या में छात्र आए और एक मरीज को दिखाने के लिए डॉक्टरों से बातचीत कर रहे थे। इस पर डॉक्टर ने ओपीडी से लगाए गए नंबर के बारे में पूछा। 

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डॉक्टर की यह बात उन्हें नागवार लगी और पहले नोकझोंक शुरू हुई। आरोप है कि छात्रों ने मौजूद डॉक्टरों के साथ मारपीट की। जो मरीज वहां थे, वह किसी तरह तीमारदारों के साथ बचकर बाहर आ गए। घटना को अंजाम देने के बाद छात्र बाहर की ओर से निकल पड़े। घटना के तुरंत बाद डॉक्टर भी ओपीडी से उठे और बिना मरीज देखे चल दिए।

प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने 5 घंटे बाद ली घटना की जानकारी

विभागाध्यक्ष डॉ. देवेश प्रकाश यादव का कहना है कि दोपहर 1 बजे मुंह बांधकर आए छात्रों ने मारपीट की। दो घंटे बाद फिर आए और फिर हाथापाई की। इसकी सूचना 1 बजे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के कंट्रोल रूम को फोन से दी थी। किसी ने भी गंभीरता से नहीं लिया। 5 घंटे बाद छह बजे एक फोन आता है और उसमें प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम के सदस्य ने जानकारी ली। ओपीडी में सुरक्षा की वजह से 200 मरीजों को नहीं देखा जा सका। बेहद कष्ट है। इस तरह की घटना ओपीडी में आए दिन हो रही है, इसमें युवकों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अधिकारी बोले
डॉक्टरों के साथ ओपीडी में मारपीट की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। फिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। आरोपियों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार से ओपीडी निर्बाध गति से चले, इसके लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड से बातचीत कर सुरक्षा सुनिश्चित करवाई जाएगी। -प्रो. संजय गुप्ता, प्रभारी निदेशक, आईएमएस बीएचयू
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शहरी सीएचसी सारनाथ में ओटी परिचारक ने डॉक्टर को पीटा, प्राथमिकी दर्ज

शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर ओटी परिचारक ने डॉक्टर को पीट दिया। घटना सोमवार सुबह की है, जब ओटी परिचारक ने डयूटी पर तैनात स्टाफ नर्स के साथ दुर्व्यवहार किया। चिकित्सक ने विरोध किया तो ओटी परिचारक ने पिटाई कर दी। चिकित्सक के चेहरे और हाथ में चोट लग गई। आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।

ओटी परिचारक हेमंत कुमार की रविवार दोपहर 2 से रात 8 बजे तक डयूटी थी। इसके बाद डॉ. शिवाशीष की ड्यूटी रात 8 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक थी। डॉ. शिवाशीष ने बताया कि हेमंत कुमार ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह घर गया। घर से झगड़ा कर नशे में धुत होकर पहुंचा। वहां इमरजेंसी कक्ष में भी बैठकर शराब पीने लगा। सोमवार सुबह पांच बजे मरीज की जांच के लिए स्टाफ नर्स ईसीजी मशीन लेने के लिए इमरजेंसी कक्ष में गई। वहां ओटी परिचारक ने स्टाफ नर्स के साथ दुर्व्यवहार किया।

इस बीच चिकित्सक डॉ. शिवाशीष बीचबचाव करने लगे। डॉक्टर ने बताया कि हेमंत कुमार ने हमला कर दिया। सारनाथ थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि डॉ. शिवाशीष की तहरीर पर आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। 
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