विभागाध्यक्ष डॉ. देवेश प्रकाश यादव का कहना है कि दोपहर 1 बजे मुंह बांधकर आए छात्रों ने मारपीट की। दो घंटे बाद फिर आए और फिर हाथापाई की। इसकी सूचना 1 बजे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के कंट्रोल रूम को फोन से दी थी। किसी ने भी गंभीरता से नहीं लिया। 5 घंटे बाद छह बजे एक फोन आता है और उसमें प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम के सदस्य ने जानकारी ली। ओपीडी में सुरक्षा की वजह से 200 मरीजों को नहीं देखा जा सका। बेहद कष्ट है। इस तरह की घटना ओपीडी में आए दिन हो रही है, इसमें युवकों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अधिकारी बोले
डॉक्टरों के साथ ओपीडी में मारपीट की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। फिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। आरोपियों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार से ओपीडी निर्बाध गति से चले, इसके लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड से बातचीत कर सुरक्षा सुनिश्चित करवाई जाएगी। -प्रो. संजय गुप्ता, प्रभारी निदेशक, आईएमएस बीएचयू
शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर ओटी परिचारक ने डॉक्टर को पीट दिया। घटना सोमवार सुबह की है, जब ओटी परिचारक ने डयूटी पर तैनात स्टाफ नर्स के साथ दुर्व्यवहार किया। चिकित्सक ने विरोध किया तो ओटी परिचारक ने पिटाई कर दी। चिकित्सक के चेहरे और हाथ में चोट लग गई। आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
ओटी परिचारक हेमंत कुमार की रविवार दोपहर 2 से रात 8 बजे तक डयूटी थी। इसके बाद डॉ. शिवाशीष की ड्यूटी रात 8 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक थी। डॉ. शिवाशीष ने बताया कि हेमंत कुमार ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह घर गया। घर से झगड़ा कर नशे में धुत होकर पहुंचा। वहां इमरजेंसी कक्ष में भी बैठकर शराब पीने लगा। सोमवार सुबह पांच बजे मरीज की जांच के लिए स्टाफ नर्स ईसीजी मशीन लेने के लिए इमरजेंसी कक्ष में गई। वहां ओटी परिचारक ने स्टाफ नर्स के साथ दुर्व्यवहार किया।
इस बीच चिकित्सक डॉ. शिवाशीष बीचबचाव करने लगे। डॉक्टर ने बताया कि हेमंत कुमार ने हमला कर दिया। सारनाथ थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि डॉ. शिवाशीष की तहरीर पर आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।