जिले के सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले हृदयाघात (हार्ट अटैक) के मरीजों को तुंरत उपचार मिल रहा है। यहां गंभीर मरीजों को थ्रॉम्बोलाइसिस थेरेपी देकर उनकी जान बचाई जा रही है। इसके तहत सीएचसी दुर्गाकुंड में एक 70 वर्षीय मरीज को थ्रॉम्बोलाइसिस थेरेपी दी गई। मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि पहले यह सुविधा जिला व मंडलीय अस्पताल पर ही उपलब्ध थी। अब स्वास्थ्य केंद्रों पर भी इसका लाभ मिल रहा है। फिजिशियन डॉ. क्षितिज तिवारी के निर्देशन में डॉ. मणिकांत तिवारी, डॉ. निकुंज वर्मा, डॉ. प्रवीण कुमार एवं पैरामेडिकल टीम ने 70 वषीZय बुजुर्ग को सीने में दर्द की शिकायत होने पर थ्रॉम्बोलाइसिस थेरेपी दी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गाकुंड अब जिले का पहला सीएचसी बन गया है, जहां हृदयाघात का सफल उपचार हुआ है। जनपद स्तरीय चिकित्सालयों एवं सीएचसी सहित अब तक 188 हृदयाघात मरीजों का उपचार किया जा चुका है।