बीएचयू में ही हुई स्कूलिंग : 19 जुलाई 1938 को डॉ. नार्लीकर ने भले ही महाराष्ट्र के कोल्हापुर में जन्म लिया लेकिन पूरा बचपन बीएचयू कैंपस में बीता। बीएचयू कैंपस के केंद्रीय विद्यालय में पांचवीं तक, सेंट्रल हिंदू बॉयज स्कूल में 12वीं तक पढ़ाई की।
ब्रहांड की उत्पत्ति की गुत्थी सुलझाने का दिया था फार्मूला : पूर्व कुलपति डॉ. लालजी सिंह ने 2014 में जयंत विष्णु नार्लीकर को 96वें दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किया था। उन्होंने ब्रह्मांड की उत्पत्ति की गुत्थी सुलझाने का फार्मूला दिया था। कहा था कि ब्रह्मांड की उत्पत्ति का रहस्य बरकरार है।
पीएम मोदी ने किया एक्स पोस्ट
डॉ. जयंती नार्लीकर का निधन विज्ञान जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। वे खगोल भौतिकी के महान वैज्ञानिक थे। उनके शोध और सिद्धांत आने वाले वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। उन्होंने विज्ञान के साथ ही शिक्षण संस्थानों को स्थापित कर कई युवाओं को रास्ता दिखाया है। उनकी लिखी किताबों और लेखों ने आम लोगों तक विज्ञान को बेहद सरल और रोचक ढंग से पहुंचाया है। परिवार और मित्रों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। ॐ शांति। - नरेंद्र मोदी, पीएम