कार्य में तन-मन-धन से सहयोग करें
श्रीविद्यामठ के प्रभारी परमात्मानंद ने कहा कि हम सभी सनातन धर्मावलंबियों से आह्वान करते हैं कि वे इस पावन कार्य में तन-मन-धन से सहयोग करें और गो माता के संरक्षण को राष्ट्र रक्षा का प्रमुख कर्तव्य समझें। मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि डीएनए प्रयोगशाला में गायों का परीक्षण करके देसी गायों को चिह्नित किया जाएगा। इसके साथ ही गो माता के संरक्षण के लिए गांव-गांव में गो सेवक नियुक्त किए जाएंगे।
सनातन संस्कृति में गो माता को मात्र एक पशु नहीं, बल्कि मातृशक्ति और सात्विक ऊर्जा के स्रोत के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। हमारे शास्त्रों में स्पष्ट रूप से वर्णित है कि गो के बिना हिंदू संस्कृति की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आज जब पूरा समाज सात्विक ऊर्जा और शुद्ध वातावरण की आवश्यकता महसूस कर रहा है,तब दुर्भाग्यवश गो माता की उपेक्षा और हत्या निरंतर बढ़ रही है।