लोकसभा चुनाव 2024 के तहत वाराणसी क्षेत्र में छठवें व सातवें चरण में मतदान होने हैं। वाराणसी में चार मई तक नए मतदाता बन सकते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एस. राजलिंगम ने हर मतदाता से अपील की है कि लोकतंत्र के इस महापर्व का हिस्सा बनें और मतदान जरूर करें।
उन्होंने बताया कि जो लोग पिछले कुछ महीने से बनारस में रह रहे हैं और अगले कुछ और महीने यहीं रहना है तो वो यहां के वोटर बन सकते हैं। मतदान से लेकर वोटर बनने तक के कई अहम सवालों के जवाब जिला निर्वाचन अधिकारी ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान दी।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए 18 साल के होने पर ही आवेदन कर सकते हैं या उससे पहले भी।
जवाब : अब इसे एक साल में चार हिस्सों में बांट दिया गया है। एक अप्रैल 2024 को यदि 18 वर्ष के हो गए हैं तो मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। चार मई तक नाम जोड़े जाएंगे।
पंजीकरण के बाद मतदाता सूची में नाम जुड़ा है या नहीं, यह कैसे पता चलेगा?
जवाब : मतदाता के हर सवाल का जवाब वोटर हेल्पलाइन नंबर है। यह निर्वाचन से जुड़ी सभी जानकारी देता है। मैंने खुद डाउनलोड कर रखा है। इस एप की मदद से मतदाता सूची में अपना नाम, मतदान केंद्र, मतदान तिथि व समय की जानकारी, यहां तक की वोटर बनने की प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है। टोल फ्री नंबर 1950 पर भी कॉल कर सकते हैं।
पहचान पत्र में कोई गलती है तो इसे कैसे सुधारा जा सकता है?
जवाब : इसके लिए मतदाता को फॉर्म-8 भरना होगा। हालांकि, अब संशोधन नहीं हो सकता है। 23 जनवरी को अंतिम प्रकाशन तक संशोधन किए गए थे, अब चुनाव के बाद ही संशोधन हो सकेगा।
मैं रहने वाला किसी और शहर का हूं। बनारस में नौकरी कर रहा हूं। क्या यहां का मतदाता बन सकता हूं?
जवाब : बिल्कुल बन सकते हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि चाहे आप निजी कंपनी में काम कर रहे हैं या फिर सरकारी नौकरी में हैं। यदि कुछ महीने से बनारस में हैं और आगे कुछ और ही महीने रुकने वाले हैं तो यहां के मतदाता बन जाइए।
मेरी उम्र 85 वर्ष से अधिक है या मैं 40 फीसदी से अधिक दिव्यांग हूं, तो क्या मुझे घर से वोट डालने की अनुमति मिलेगी?
जवाब : हां बिल्कुल। 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाता या फिर 40 फीसदी तक दिव्यांग मतदान केंद्र तक आने में अक्षम हैं तो वह घर से मतदान कर सकते हैं। अभी बीएलओ के माध्यम से फॉर्म जाएंगे और फिर एक मोबाइल पोलिंग टीम बनाई जाएगी। वह इन लोगों का घर से ही मतदान कराएगी। यह काम मतदान की तिथि से पांच दिन पहले तक हो जाएगा। हालांकि अपील है कि यदि आप केंद्र तक आ सकते हैं तो जरूर आइए व अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बनिए।
मतदाता पहचान पत्र नहीं तो मतदान कैसे करेंगे?
जवाब : मतदाता सूची में नाम होना चाहिए। पहचान पत्र नहीं है तो वोटर हेल्पलाइन एप से मोबाइल नंबर डालकर उसे डाउनलोड कर लें। इसके अलावा निर्वाचन आयोग ने वैकल्पिक पहचान पत्र की मान्यता दी है।
इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्रीय, राज्य सरकार या सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र शामिल हैं। बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, श्रम मंत्रालय का स्मार्ट कार्ड, मनरेगा कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज से भी वोट डाल सकते हैं।
मेरे परिवार के सदस्यों के अलग-अलग बूथों पर वोट हैं। सभी एक ही बूथ पर वोट डालने जाएं इसके लिए क्या करना होगा?
जवाब : हां, मतदाताओं के स्थानांतरण प्रक्रिया चल रही है। यह हम बीएलओ के माध्यम से भी कर सकते हैं। वोटर हेल्पलाइन एप पर फॉर्म-8 भरकर परिवार के हर सदस्य का एक ही बूथ पर मतदान करा सकते हैं। 1950 टोल फ्री नंबर पर भी समस्या का समाधान कर सकते हैं।
बीएलओ को सूची में नाम दर्ज करा दिया है, मगर अब तक मतदाता सूची में नाम नहीं है।
जवाब : बीएलओ गरुणा एप से यह काम करते हैं। बीएलओ से संपर्क करिए, वह बताएंगे कहां दिक्कत आ रही है। इसके अलावा वोटर हेल्पलाइन एप पर भी समाधान है, खुद ही फॉर्म भरिए और वोटर बन जाइए।
पोस्टल बैलेट से कैसे मतदान होगा और पोस्टल बैलेट कितने दिन पहले मिलेगा?
जवाब : आवश्यक सेवा कर्मचारी जैसे बिजली, संचार, रेलवे, डाक, दूरदर्शन, प्रसार भारती, स्वास्थ्य, उड़ान, राष्ट्रीय राजमार्ग, अग्निशमन, परिवहन, एंबुलेंस और मीडियाकर्मी हैं जो मतदान के समय चुनाव ड्यूटी पर होंगे। सरकारी कर्मियों को तो प्रशिक्षण के दौरान ही मतदान करा दिया जाएगा।
वहीं, मीडिया से जुड़े लोग अपने आईडी कार्ड के साथ संस्थान का एक पत्र लेकर आएंगे तो पात्र मतदाताओं को फॉर्म 12डी में अपना अपेक्षित विवरण भरकर जमा करना होगा। संबंधित मतदान केंद्र के रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) पात्र मतदाताओं को फॉर्म 12डी जारी करने के लिए अधिकृत हैं।