नए सर्किल रेट से मुआवजे की मांग पर अड़े रिंग रोड के प्रभावित गांवों के किसानाें के मसले पर जिला प्रशासन ने अब गेंद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पाले में डाल दी है। जिलाधिकारी राजमणि यादव ने वार्ता के लिए आए किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। वह नए सर्किल रेट से मुआवजे के मुद्दे पर शासन को पत्र भेजेंगे। शासन का जैसा दिशा-निर्देश प्राप्त होगा, आगे उस अनुरूप निर्णय लिया जाएगा। तब तक के लिए जिला प्रशासन ने 19 गांवों में रिंग रोड का काम भी रोक दिया है। जिन सात गांवों अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां निर्माण जारी रहेगा।
प्रशासन के बुलावे पर वार्ता के लिए सुबह 10:30 बजे जिला राइफल क्लब पहुंचे सौ से अधिक किसानों और उनसे जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों ने पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखा। करीब पौने दो घंटे तक चली बैठक में किसानों ने कहा कि वे रिंग रोड या विकास विरोधी नहीं हैं। उनकी मांग नए सर्किल रेट से मुआवजे के भुगतान की है। जमीन के अलावा मकान, बागीचा, पशुशाला सहित अन्य परिसंपत्तियां जो नष्ट की गई हैं, उनका भी उचित प्रतिकर उन्हें मिलना चाहिए। उनकी ये मांगें पूरी कर दी जाएं, उसके बाद रिंग रोड के काम को लेकर उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।
जिलाधिकारी राजमणि यादव ने कहा कि किसानों की जो भी मांगें हैं, उनसे शासन को पत्र भेजकर अवगत कराया जाएगा। शासन से प्राप्त दिशा-निर्देश के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। किसानों के विरोध को देखते हुए डीएम ने जिन 19 गांवों में आंदोलन चल रहे हैं, वहां रिंग रोड का काम भी तब तक के लिए बंद रखने का निर्देश दिया। जबकि, उन सात गांवों में काम चलने दिया जाएगा जहां भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है।
किसानों ने आशंका जताई कि कहीं ऐसा न हो कि नए सर्किल रेट से मुआवजा दिए बिना गुपचुप तरीके से काम शुरू करा दिया जाए। इस पर डीएम ने कहा कि ऐसी कोई स्थिति नहीं आने दी जाएगी। यदि कहीं ऐसी स्थिति आए तो किसान तत्काल उसकी सूचना सीधा उन्हें दें। ऐसा करने वाले अधिकारियोें पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान डीएम ने किसानों को भरोसे में लिए बिना उनके पंपसेट और घर ढहाने पर एनएचएआई और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की क्लास भी ली। साथ ही, परिसंपत्तियों के मुआवजे के भुगतान के लिए लिस्टिंग, ठीक से नाप-जोख आदि का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। उन्होंने गिट्टी, मिट्टी और पानी वाले ट्रकों को आने-जाने देने की बात किसानों से कही।
इस पर थोड़े विरोध के बाद किसान मान गए। वार्ता में किसान संघर्ष न्याय मोर्चा के विजय शंकर पांडेय, महेंद्र प्रसाद, अरविंद सिंह, हीरा लाल यादव, संजीव सिन्हा, विजय कुमार, विनोद सिंह समेत प्रभावित गांवों के अन्य किसान प्रतिनिधि शामिल थे। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों में एसएसपी आकाश कुलहरि, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, उपजिलाधिकारी, भूमि अध्याप्ति अधिकारी मौजूद रहे।