आबकारी विभाग में वसूली में गिरावट का पता लगाने और विद्युत देयों की वसूली 35 प्रतिशत ही करने पर जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने स्पष्टीकरण मांगा है। विकास भवन सभागार में राजस्व कार्यों की विभागवार समीक्षा में लक्ष्य से कम वसूली होने पर डीएम ने नाराजगी जताई है। अधिकारियों से राजस्व वसूली बढ़ाने के साथ ही समस्याओं का समय से समाधान कराए जाने के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए।
मत्स्य विभाग की ओर से 1000 तालाबों के सापेक्ष 300 पट्टे आवंटन किये जाने, पिंडरा में एक भी मत्स्य पट्टा न होने पर डीएम ने नाराजगी भी जताई। डीएम ने तीनों तहसील (सदर, राजातालाब और पिंडरा) के एसडीएम से कर्मचारियों को समान रूप से कार्य आवंटित कर राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। पिंडरा तहसीलदार को पांच प्रतिशत के सापेक्ष 2.36 प्रतिशत वसूली पर विचार कर इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। पिंडरा में भी लक्ष्य के सापेक्ष कम वसूली किए जाने पर सवाल किया। वार्षिक लक्ष्य का 55 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी वसूली करने पर दुकानों का रेंट, नगर निगम, वीडीए, पेट्रोल पंप के डीड आदि की वसूली की जांच कराने का निर्देश संबंधित विभागों को जिलाधिकारी ने दिए।
नगर निगम में भी हुई कम वसूली
नगर निगम में भी कम वसूली हुई है। पिछले साल 11 करोड़ के सापेक्ष पांच करोड़ वसूली तथा इस वर्ष 14.5 करोड़ के सापेक्ष कम वसूली को लक्ष्य के सापेक्ष करने के लिए मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को निर्देश दिया। बैठक में तहसील से जारी आरसी की वसूली करने के लिए एसडीएम व तहसीलदार को 5-5 बकायेदारों की वसूली स्वयं कराने, अन्य विविध देयों की वसूली बढ़ाने, पुराने वादों का समाधान गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्राथमिकता पर करने के भी निर्देश जिलाधिकारी ने दिए। बैठक में तहसीलदार राजातालाब ने 46 प्रतिशत स्टांप देयों की वसूली की जानकारी दी। इस पर एसडीएम राजातालाब से कम वसूली का कारण डीएम ने पूछा। एएनएम सब सेंटर पर डिलीवरी की सुविधा चालू कराने के लिए अधिकारियों से सेंटर गोद लिये जाने की बात कही। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।