वाराणसी। डीरेका बचाओ संयुक्तसंघर्ष समिति के नेतृत्व में डीरेकाकर्मी गुरुवार को कारखाने के पश्चिमी गेट पर एकत्रित हुए। सभी ने निगमीकरण के विरोध में जमकर नारे लगाए और अपने वाहनों पर विरोध वाले स्टीकर लगाकर रोष जताया। रायबरेली उत्पादन इकाई के कर्मचारी बलदेव की मौत पर दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा शांति की कामना की गई।
वक्ताओं ने बताया कि जिस दिन से रेलवे बोर्ड से निगमीकरण का पत्र आया है उसी दिन से सभी कर्मचारी व उनका परिवार तनाव में है। इसी का परिणाम है कि रायबरेली में कर्मचारी की मौत हुई है। समिति के संयोजक बीडी दुबे ने कहा कि कर्मचारियों को गहरा आघात लगा है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब आम जनमानस में धीरे धीरे आग की तरह फैल रही है।
मेंस यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव ने डीरेका सहित रेल उत्पादन की सातों यूनिट के कर्मचारी के परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही। सरदार सिंह, कर्मचारी परिषद के सदस्य नवीन सिन्हा ने रायबरेली में मृत कर्मचारी के शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। कर्मचारी परिषद के सदस्य प्रदीप यादव ने भी अपनी बात रखी।
सभा में कर्मचारियों ने अपने-अपने वाहनों पर निगमीकरण के विरोध का स्टीकर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के उप महामंत्री नरेंद्र मिश्रा, ओबीसी के रामायण सिंह यादव, अजीमूल हक, मेंस कांग्रेस के राजेश कुमार, सुशील सिंह, रविशंकर सिंह, शशी भूषण तिवारी, देवतानंद तिवारी, सरोज कुमार सिंह, देवनारायण भट्ट, रोहित कुमार, रंगबहादुर, अरविंद तिवारी, अजय सिंह, अमित कुमार, नरेंद्र भंडारी, पद्मकांत पाठक, अमित कुमार, हरिशंकर यादव, दीपेश, दयानंद शामिल रहे।