हरिश्चंद्र घाट पर मौजूद लोगों की आंखें डबडबाईं
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बदमाशों की गोली का शिकार हुए डीरेका कर्मचारी नेता ताराधीश कुमार मुकेश का शव गुरुवार की सुबह साथी कर्मचारियों ने डीरेका के सेंट्रल मार्केट के सामने रख कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सभी की मांग थी कि पत्नी प्रियंका को लिपिक संवर्ग में डीरेका में नौकरी मिले और सुरक्षा के दृष्टिकोण से परिसर स्थित उनके मौजूदा आवास को बदल दिया जाए।
कर्मचारियों के प्रदर्शन की सूचना पर डीरेका के मुख्य कार्मिक अधिकारी (सीपीओ) मनोज कुमार पहुंचे। सीपीओ ने आश्वस्त किया कि मुकेश के परिवार की नियमानुसार हरसंभव मदद की जाएगी। इसके बाद कर्मचारियों ने प्रदर्शन खत्म किया और शव लेकर हरिश्चंद्र घाट की ओर रवाना हुए।
डीरेका के कर्मचारी नेता ताराधीश कुमार मुकेश की मंगलवार रात 10 बजे उनके घर के सामने ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। बुधवार की देर रात मुकेश के पिता देवनंदन प्रसाद यादव बिहार के बांका से डीरेका स्थित केंद्रीय चिकित्सालय के शवगृह पहुंचे।
गुरुवार की सुबह परिवारीजन और साथी कर्मचारी मुकेश का शव चिकित्सालय के शवगृह से लेकर निकले और सेंट्रल मार्केट के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण सेंट्रल मार्केट के सामने की सड़क पर तकरीबन 20 मिनट आवागमन बाधित रहा।
हरिश्चंद्र घाट पर मुकेश को उनके 10 वर्षीय बेटे अभिनव ने मुखाग्नि दी तो मौजूद परिवारीजनों और कर्मचारियों की आंखें डबडबा गईं। मुकेश के साथी कर्मचारी उनके पिता को ढांढस बंधा रहे थे।