एक तरफ कोरोना की वजह से जहां औ़़द्योगिक इकाईयों में उत्पादन आधा हो गया है तो वहीं डीजल रेल इंजन कारखाना (डीएलडब्ल्यू) ने रिकॉर्ड कायम करते हुए जुलाई माह में 31 इंजन का उत्पादन किया है। इस तरह देखा जाए तो रोजाना एक-एक इंजन तैयार हुआ। वित्तीय वर्ष 2020-21 के जून माह में 28 विद्युत इंजन का उत्पादन हुआ था। डीएलडब्ल्यू के बनाएं गए इंजनों की मांग विभिन्न राज्यों के अलावा श्रीलंका आदि देशों में भी है।
डीरेका के महाप्रबंधक यशपाल सिंह ने बताया कि सभी विभागों के समर्थन और समर्पण से यह संभव हुआ है। कोरोना काल के इस दौर में यह उपलब्धि हासिल करना गर्व की अनुभूति के समान है। लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन से प्राप्त आवश्यक दिशा-निर्देशों के अनुरूप 9 मई से कारखाने में उत्पादन कार्य शुरू हुआ।