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दीपावली: पंडालों में पहुंचीं मां काली की प्रतिमाएं, आज से शुरू होगी पूजा; मंत्रोच्चार के साथ माता का आह्वान

Mon, 20 Oct 2025 03:25 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Kali Puja 2025: सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही प्रतिमाओं के पट भी खुल जाएंगे। शहर से लेकर गांव तक 50 से अधिक स्थानों पर मां काली की प्रतिमा स्थापित की गई है।
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पंडालों में स्थापित प्रतिमाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Diwali 2025: दीपावली के छह दिवसीय महापर्व के दूसरे दिन शहर के पूजा पंडालों में मां काली की प्रतिमाएं स्थापित हुईं। महानिशीथ काल में पूजन के साथ ही प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। मंत्रोच्चार के साथ ही पूजा-पंडालों में मां का आह्वान होगा। 

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रविवार को देवनाथपुरा स्थित नवसंघ के पूजा पंडाल में मध्यरात्रि में मां काली की प्रतिमा को विराजमान कराया गया। सोमवार को भगवान गणेश और पंचदेवता की पूजा के साथ कूष्मांड बलि अर्पित करने के बाद 108 दीपदान किया जाएगा। 

केंद्रीय पूजा समिति के अध्यक्ष तिलकराज मिश्र ने बताया कि तांत्रिक विधि से महाकाली की महानिशा पूजा होगी। कोहड़े की बली दी जाएगी और खिचड़ी का भी भोग लगा। कुछ पूजा पंडालों में मां को मछली का भोग लगेगा। मूर्तिकार अभिजीत विश्वास ने बताया कि बंगला चाल की मूर्तियां मां काली के रौद्र रूप में बनी हैं। पांडेयपुर, पंचक्रोशी इलाकों में भी मां की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।

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273 वर्षों से होती है मां काली की पूजा : रानी भवानी की ओर से पांडेय घाट स्थित स्थापित श्रीकाली माता, श्रीतारा माता सहित छह विग्रहों की मंदिर में पूजा होगी। पूजा कराने के लिए कोलकाता से पुरोहित आए हैं। मंदिर के प्रबंधक श्यामा प्रसाद कुंडू ने बताया कि रानी भवानी ने 1752 में इस मंदिर का निर्माण करवाया था। 

उधर, चिरईगांव के मुस्तफाबाद में श्री बजरंग दल मां काली पूजा समिति की ओर से मां काली पूजा का शुभारंभ हुआ। समिति के अध्यक्ष अवशेष यादव ने बताया कि 22 अक्तूबर को प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। कार्यक्रम में सिद्धू साहनी, अरविंद यादव, सुजीत, अखिलेश आदि मौजूद रहे।
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मंदिरों में सजीं दीपमालिकाएं, घाटों पर किया दीपदान
दीपोत्सव के महापर्व की पूर्व संध्या पर शिव की नगरी दीपों की रोशनी से जगमग हो उठी। घर की चौखट से गंगा के तट तक दीपों की लड़ियां सजाई गईं। शहर से लेकर गांव तक नरकचतुर्दशी पर छोटी दीपावली का उल्लास मनाया गया। मंदिरों में भी लोगों ने दीप जलाए। वहीं,  देर शाम दक्षिण दिशा में लोगों ने यम के नाम से दीप जलाकर परिवार के रक्षा की कामना की।

रविवार को सुबह नरक चतुर्दशी पर घरों में उबटन लगाने के साथ ही अभ्यंग स्नान की परंपरा का निर्वहन किया गया। गंगा के तट पर भी लोगों ने डुबकी लगाई। दोपहर के बाद से ही घरों में छोटी दीपावली की तैयारियां शुरू हो गईं। शाम ढलते ही घरों की चौखट पर दीपदान करने के बाद लोगों ने मंदिरों में दीपक अर्पित किया। 

अस्सी से राजघाट के बीच कई प्रमुख घाटों पर भी लोगों ने दीपदान किया। दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से दीपावली की पूर्व संध्या पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। गंगा आरती को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्री काशी विश्वनाथ धाम, मणिमंदिर, जगन्नाथ मंदिर सहित सभी मंदिरों में दीप अर्पित किए।
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