ये अक्षरदीप भाषा के मोर्चे पर लड़ने वाले उन्हीं अमर सेनानियों को अर्पित हैं। सभा ने नागरी लिपि को सरकारों के कामकाज में सम्मानजनक स्थान तो दिलाया ही, भाषा और लिपि से जुड़े अनेक दूसरे अभियानों का भी सफल संचालन किया। हिंदी में शॉर्ट हैंड लिपि का प्रचलन, हिंदी कोश का पहली बार प्रकाशन, हिंदी साहित्य के अमर कवियों और लेखकों की रचनावलियों का संपादन और प्रकाशन, भाषा के व्याकरण और साहित्य के इतिहास का प्रणयन इन सभी कार्यों के पीछे सभा का ही बल था।
अक्षर दीपों के इस उत्सव में सभा के कार्यकर्ताओं आकाश देववंशी, शाश्वत त्रिपाठी, विनायक दहिया, ऋषिका चौबे, विशाल पटेल, स्वाति विश्वकर्मा, प्रतीक शर्मा और तापस शुक्ल ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
तीन साै खिलाड़ियों ने ढाई घंटे में 25 हजार दीयों से सजाया खेल मैदान
परमानंदपुर गांव का खेल मैदान रविवार शाम 25 हजार दीयों और मोमबत्तियों की रोशनी से जगमग हो उठा। इसमें 10 खेलों के 300 खिलाड़ियों ने करीब ढाई घंटे में खेल मैदान को रोशनी से सजाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हैंडबॉल, रग्बी, हॉकी, टेबल टेनिस, जूडो और वुशु के खिलाड़ियों ने खेल मैदान पर दीयों की मदद से उनके दिए हुए स्लोगन 'खेलोगे तो खिलोगे' को उकेरा।
शाम करीब चार बजे से खिलाड़ियों ने मैच का अभ्यास करने के बाद मैदान में दीये सजाने शुरू किए। कार्यक्रम के अंतिम चरण में महिला राष्ट्रीय खिलाड़ियों ने 100 से अधिक आकाशदीप उड़ाकर बनारस के आसमान को रोशनी से भर दिया। संयोजक उत्तर प्रदेश हैंडबॉल संघ के उपाध्यक्ष डॉ. एके सिंह ने किया।
वहीं, करौता और गंगापुर हॉकी एकेडमी के खिलाड़ियों ने भी दीपोत्सव मनाया। इसमें खिलाड़ियों ने दीप जलाकर हॉकी मैदान को सजाया और पूजा पाठ किया। इस अवसर पर डॉ. चेतनारायण, लाल बहादुर मौर्य, मो. अंसार अंसारी, आशीष ठाकुर, अजय विक्रम सिंह, दिनेश पटेल मौजूद रहे।