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खेती में विविधता लाएं, आमदनी बढ़ाएं

Mon, 27 Jun 2016 01:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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गोष्ठी में किसानों की स्मारिका का लोकार्पण करते डीएम एवं अन्य विशिष्टजन।
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जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने रविवार को किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए खेती करें न कि पेट पालने के लिए। कहा कि पेट पालने के लिए देश में खाद्य सुरक्षा कानून लागू है। यदि किसान खेती से आमदनी बढ़ाने का उपक्रम नहीं करेंगे तो खेती की अहमियत कम हो जाएगी। उन्होंने किसानों से औद्यानिक खेती को अपनाने की अपील की।
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कमिश्नरी सभागार में आयोजित एकीकृत बागवानी विकास निगम की ओर से आयोजित जिलास्तरीय दो दिवसीय औद्यानिक कृषक गोष्ठी में डीएम ने कहा कि जिले में तीन लाख किसान हैं और डेढ़ लाख हेक्टेअर जमीन पर खेती होती है। कहा कि हमारे पास विशेषज्ञ और शोधतंत्र की कमी नहीं है। सही प्रबंधन से उत्पादन में गुणात्मक अंतर लाया जा सकता है।

 उन्होंने अगले पांच साल में औद्यानिक मिशन के तहत कृषि उत्पादन पांच गुना बढ़ाने का विजन प्लान तैयार करने का जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने किसान सहायकों से अपने-अपने क्षेत्र में 25 हेक्टेअर का विविधिकरण लक्ष्य तय करने को कहा। डीएम ने कहा कि कार्य क्षमता के आंकलन के लिए लिखित और मौखिक परीक्षा होगी। इस परीक्षा में किसान सहायक, ब्लाक तकनीकी प्रबंधक व सहायक तकनीकी प्रबंधक शामिल होंगे। परीक्षा पास करने वाले किसान सहायक ही कार्यरत रहेंगे। डीएम ने कृषि उत्पाद को सही मूल्य दिलाने के लिए बड़ी कंपनियों को जिले में आमंत्रित करने की घोषणा भी की। 
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सब्जी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए डीएम ने जैविक उर्वरकों के अधिकाधिक इस्तेमाल की नसीहत दी। जिलाधिकारी ने किसानों की मांग पर मनरेगा के तहत रेशम की खेती कराये जाने का भरोसा देते हुए कहा कि इस संबंध में कार्ययोजना बनाई जा रही है। संगोष्ठी में उप निदेशक कृषि एके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी ममता यादव समेत कई कृषि वैज्ञानिक एवं भारी तादाद में किसान उपस्थित रहे।
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