जिला पंचायत सदस्य संजय मिश्र ने बताया कि पिछली बार वार्डों में काम नहीं होने के सवाल पर जिला पंचायत की बैठक स्थगित हुई थी। एक भी वार्ड में काम शुरू नहीं हुआ है। इसके बाद भी बैठक बुलाई गई है। पिछली बार हंगामे के बाद 47 विभागों की 382.35 करोड़ रुपये की जिला योजना के प्रस्ताव का अनुमोदन हुआ था। तब जिले के प्रभारी नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे मंजूरी दी। उस दौरान बैठक में भाग लेने मंत्री पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद जिला योजना समिति के सदस्यों में शामिल जिला पंचायत सदस्य और नगर निगम के पार्षदों ने उनका रास्ता रोका था। सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई कि पिछले जिला योजना में एक भी प्रस्ताव उनका शामिल नहीं किया गया।
इस बार की जिला योजना को जिला पंचायत से मंजूरी नहीं दी गई है। हम लोग बैठक में भाग नहीं लेंगे। साथ ही कोरम पूरा होने पर ही बैठक कराने को कहा था। इसके बावजूद बैठक हुई और मंजूरी दी गई थी। जिला योजना में सबसे अधिक ग्रामीण स्वच्छता में 59.30 करोड़, सड़क एवं पुल में 46.37 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया था। पिछली बार का हवाला देकर इस बार भी पास करा लें।
पिछली बार की 40 फीसदी मिला धन, 38 फीसदी हुआ काम
विकास कार्य से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पिछली बार की जिला योजना का 40 फीसदी धन मिला था। इनमें से 38 फीसदी काम हो गया है। बाकी धन की मांग की गई है। बचे काम को पूरा कराने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है।