बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायत भवनों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायतराज अधिकारी ने बताया कि 25 ग्राम पंचायतों में भूमि उपलब्ध न होने के कारण पंचायत भवन निर्माण शुरू नहीं हो सका।
जिलाधिकारी ने इन ग्राम पंचायतों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल, सचिव, खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) द्वारा भूमि चिह्नीकरण में लापरवाही बरतने पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जब तक भूमि चिह्नित नहीं होगी, वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने 10 जुलाई तक पंचायत भवन निर्माण शुरू करने के सख्त निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान ग्राम पंचायत रामपुर मसरिक के नदी में विलीन होने और वहां के निवासियों के ग्राम छपरा सारीब में बसने की जानकारी सामने आई। इस ग्राम के लिए व्यय की जा रही धनराशि पर जिलाधिकारी ने कड़ी आपत्ति जताई और जिला पंचायतराज अधिकारी को शासन को पत्र भेजने का निर्देश दिया।
उन्होंने उन ग्राम प्रधानों को सम्मानित करने का आदेश दिया, जिन्होंने पंचायत भवन निर्माण के लिए अपनी भूमि दान दी या स्वयं प्रयास कर निर्माण कार्य कराया। साथ ही, रियल टाइम खतौनी न रखने वाले लेखपालों और कानूनगो का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, संबंधित उप जिलाधिकारी, लेखपाल, सचिव और ग्राम प्रधान मौजूद रहे।