महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती
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वाराणसी में अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि जब अल्पसंख्यक तय ही नहीं हैं तो उन्हें सुविधाएं क्यों दी जा रही हैं। ऐसे में अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग कर देना चाहिए। जब यह तय हो जाएगा कि अल्पसंख्यक कौन है तब बोर्ड बनाकर सुविधाएं दी जाएं।
बुधवार को स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड को भंग करने की मांग की। कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को भारत सरकार ने बताया था कि 19 राज्यों ने अभी अल्पसंख्यकों की पहचान नहीं की है।
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ऐसे में हम मांग करते हैं कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों को तत्काल यह निर्देश दे कि अल्पसंख्यक मंत्रालय और अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड तब तक के लिए भंग कर दिए जाएं जब तक कि यह तय न हो जाए कि देश के किस राज्य में कौन अल्पसंख्यक हैं।