परिजनों को आशंका थी कि उसके कारण शादी समारोह में कोई और विवाद न हो जाए। इसलिए उसे समझाने-बुझाने के बाद कमरे में बंद कर दिया गया। देर रात जब परिजन कमरे तक पहुंचे तो प्रिंस का शव फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं।
मृतक के पिता अशोक राम ने बेटे की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची उभांव थाना पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों के आठ-दस लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। हिरासत में लिए गए लोगों में दुल्हन के तीन भाई तथा दूल्हे के पिता और चाचा समेत अन्य लोग शामिल रहे। तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में वैवाहिक रस्में किसी तरह पूरी कराई गईं।
हालांकि विदाई को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने में काफी समय लगा और सोमवार सुबह करीब नौ बजे तक पंचायत चलने के बाद दुल्हन की विदाई हो सकी। उभांव थाना प्रभारी दिनेश पाठक ने बताया कि मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भाई की शादी में शामिल होने विदेश से आया था प्रिंस
मृतक प्रिंस राम राजमिस्त्री अशोक राम का मंझला पुत्र था। परिवार में एक बेटी नेहा और तीन बेटे हैं। परिजनों के अनुसार प्रिंस 22 मई को बड़े भाई दीपक की शादी में शामिल होने के लिए विदेश से घर आया था। वह परिवार का एक कमाऊ सदस्य भी था।
उसकी मौत की खबर से पिता अशोक राम पूरी तरह टूट गए, जबकि मां बसंती देवी की चीत्कार सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। पड़ोसी योगेंद्र राम की बेटी की शादी की तैयारियों में पूरा परिवार कई दिनों से जुटा था, लेकिन एक दुखद घटना ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। गांव में दिनभर मातम पसरा रहा और लोग शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते नजर आए।