सांसद निधि की 50 लाख की दूसरी किस्त की फाइल पर जांच लिखने को लेकर आजमगढ़ विकास भवन में सोमवार सुबह मुख्य विकास अधिकारी और परियोजना निदेशक (पीडी) डीआरडीए में भिड़ंत हो गई। पीडी सीडीओ पर अभद्रता का आरोप लगाकर डीआरडीए और विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बाहर आ गए और भवन को बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर धरने पर बैठ गए।
डीएम ने दोनों पक्षों से वार्ता के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व को मौके पर भेजा। दोनों पक्षों के बुलाकर कलेक्ट्रेट में वार्ता भी की, लेकिन अभी हड़ताल जारी है। वहीं, सीडीओ ने पीडी पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए उनके कार्यों की सीबीआई जांच की मांग की है।
विकास भवन में सोमवार सुबह मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार सिंह के पास डीआरडीए से किसी सांसद निधि की 50 लाख की दूसरी किस्त जारी करने की फाइल आई। इसमें लगभग 50 लाख की पहली किस्त जारी हो चुकी थी। सीडीओ ने फाइल पर पीडी को दूसरी किस्त जारी करने से पहले पहली किस्त से हुए कार्यों की सत्यापन करने को लिख दिया। इसी फाइल को लेकर पीडी सीडीओ के पास पहुंचे। जांच को लेकर दोनों अधिकारियों में गरमा-गरमी शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो परियोजना निदेशक ने सीडीओ पर कुर्सी भी उठा ली। मौके पर मौजूद डीसी मनरेगा और अन्य कर्मचारियों ने रोका। सीडीओ ने भी पेपरवेट उठा लिया था। इसके बाद पीडी बाहर आए। डीडीओ रविशंकर राय, डीसी एनआरएलएम बीकेमोहन के साथ विकास और डीआरडीए विभाग के कर्मचारी भी बाहर आ गए। विकास भवन का गेट बंद कर नारेबाजी शुरू कर दी गई। स़ीडीओ को हटाने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल की बात कह धरने पर बैठ गए।
मामले की सूचना जिलाधिकारी तक पहुंची तो उन्होंने एडीएम वित्त एवं राजस्व गुरु प्रसाद को मौके पर भेजा। उन्होंने बात की तो पीडी ने आरोप लगाया कि हमें चोर बनाया जा रहा है। ऐसे तानाशाह सीडीओ के साथ काम नहीं कर सकते हैं। उनके हटने तक हड़ताल जारी रहेगी। इसके बाद दरी और माइक लगाकर बकायदा धरना शुरू कर दिया गया। एडीएम के लौटने पर जिलाधिकारी ने दोनों पक्षों को कलक्ट्रेट बुलाया और अलग-अलग काफी देर तक बंद कमरे उनसे बाद की।
देर शाम धरना खत्म कर दिया गया, लेकिन हड़ताल पर निर्णय नहीं हो पाया था। पीडी दुर्गादत्त शुल्क ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्य किया जाएगा। डीडीओ रविशंकर ने बताया कि हड़ताल और धरने पर कल बताया जाएगा।