फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपीः आजमगढ़ में सीडीओ और परियोजना निदेशक में हाथापाई, जमकर हुआ गाली-गलौज

Tue, 20 Nov 2018 10:27 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़
विज्ञापन
विकास भवन में लगाया ताला - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
सांसद निधि की 50 लाख की दूसरी किस्त की फाइल पर जांच लिखने को लेकर आजमगढ़ विकास भवन में सोमवार सुबह मुख्य विकास अधिकारी और परियोजना निदेशक (पीडी) डीआरडीए में भिड़ंत हो गई। पीडी सीडीओ पर अभद्रता का आरोप लगाकर डीआरडीए और विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बाहर आ गए और भवन को बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन


डीएम ने दोनों पक्षों से वार्ता के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व को मौके पर भेजा। दोनों पक्षों के बुलाकर कलेक्ट्रेट में वार्ता भी की, लेकिन अभी हड़ताल जारी है। वहीं, सीडीओ ने पीडी पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए उनके कार्यों की सीबीआई जांच की मांग की है।        

विकास भवन में सोमवार सुबह मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार सिंह के पास डीआरडीए से किसी सांसद निधि की 50 लाख की दूसरी किस्त जारी करने की फाइल आई। इसमें लगभग 50 लाख की पहली किस्त जारी हो चुकी थी। सीडीओ ने फाइल पर पीडी को दूसरी किस्त जारी करने से पहले पहली किस्त से हुए कार्यों की सत्यापन करने को लिख दिया। इसी फाइल को लेकर पीडी सीडीओ के पास पहुंचे। जांच को लेकर दोनों अधिकारियों में गरमा-गरमी शुरू हो गई।
विज्ञापन


प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो परियोजना निदेशक ने सीडीओ पर कुर्सी भी उठा ली। मौके पर मौजूद डीसी मनरेगा और अन्य कर्मचारियों ने रोका। सीडीओ ने भी पेपरवेट उठा लिया था। इसके बाद पीडी बाहर आए। डीडीओ रविशंकर राय, डीसी एनआरएलएम बीकेमोहन के साथ विकास और डीआरडीए विभाग के कर्मचारी भी बाहर आ गए। विकास भवन का गेट बंद कर नारेबाजी शुरू कर दी गई। स़ीडीओ को हटाने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल की बात कह धरने पर बैठ गए।

मामले की सूचना जिलाधिकारी तक पहुंची तो उन्होंने एडीएम वित्त एवं राजस्व गुरु प्रसाद को मौके पर भेजा। उन्होंने बात की तो पीडी ने आरोप लगाया कि हमें चोर बनाया जा रहा है। ऐसे तानाशाह सीडीओ के साथ काम नहीं कर सकते हैं। उनके हटने तक हड़ताल जारी रहेगी। इसके बाद दरी और माइक लगाकर बकायदा धरना शुरू कर दिया गया। एडीएम के लौटने पर जिलाधिकारी ने दोनों पक्षों को कलक्ट्रेट बुलाया और अलग-अलग काफी देर तक बंद कमरे उनसे बाद की।

देर शाम धरना खत्म कर दिया गया, लेकिन हड़ताल पर निर्णय नहीं हो पाया था। पीडी दुर्गादत्त शुल्क ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्य किया जाएगा। डीडीओ रविशंकर ने बताया कि हड़ताल और धरने पर कल बताया जाएगा।  

मैं हटने के लिए तैयार, पीडी के कार्यों की ही सीबीआई जांच

विकास भवन में लगी भीड़ - फोटो : amar ujala
डीआरडीए और विकास अधिकारियों की ओर से सीडीओ को हटाने के लिए मोर्चा खोलने पर मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार सिंह ने कहा कि शासन के निर्देश पर मैं हटने के लिए तैयार हूं, लेकिन जनता के हित में परियोजना निदेशक और जिला विकास अधिकारी को यहां से हाटाना जरूरी है। उन्हें भी हटाया जाए। दोनों कमीशनखोरी के चक्कर में विकास के प्रभावित कर रहे हैं। परियोजना निदेशक के कार्यों की सीबीआई जांच होनी चाहिए। 

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मुझे हटाने के लिए काफी दिनों से षडयंत्र रचा जा रहा है। धरना भी इसी का हिस्सा है। पहले भी मेरे खिलाफ विकास भवन में बैठक और होटलों में पार्टी की गई है। मैं जब से आया हूं मुझे परेशान किया जा रहा है।

शासन चाहे तो मुझे हटा दे, लेकिन जनता के हित में परियोजना निदेशक और जिला विकास अधिकारी को यहां से हाटाना जरूरी है। सांसद और विधायक निधि के फाइलों में कमीशनखोरी की जाती है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। 
विज्ञापन

खुद ईमानदार सबको बनाया जा रहा चोर

सांसद और विधायक निधि के का कार्य कई पटल सहायकों के पास है। कुछ पटल सहायकों के कई सांसदों और विधायकों की निधि देखने का काम कई सालों से था। मुख्य विकास अधिकारी ने पिछले दिनों इसका सभी पटल सहायकों में समान बटवांरा करने के साथ इनके ऊपर एक एकाउंटेंट को रख दिया गया था। इससे भी डीआरडीए में आक्रोश था।  

 परियोजना निदेशक डीआरडीए दुर्गादत्त शुक्ल और जिला विकास अधिकारी रविशंकर राय ने आरोप लगाया कि सीडीओ की ओर से खुद को ईमानदार और अन्य को चोर बताया जा रहा है। इस स्थिति में अब कार्य करना मुश्किल हो गया है। ये अपमान अब सहन नहीं हो पा रहा है।

डीडीओ ने कहा कि डीपीआरओ के साथ भी अभद्रता की गई है। विकास भवन में हड़ताल के बीच विभिन्न ब्लाकों के कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए। इसकी वजह से ब्लाकों पर भी काम प्रभावित रहा। अधिकारियों की जंग देख फरियादी सकते में रहे।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें