कृषि गोष्ठी से किसानों की बात सीधे शासन तक पहुंचती है। किसानों को शासन की ओर से दी जा रही सब्सिडी का लाभ लेना चाहिए। उक्त बातें शुक्रवार को वाराणसी के गिरजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहीं। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों की पैदावार में किसानों का हर संभव सहयोग किया जाएगा।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशा है कि कोई किसान छूटने न पाए। इसलिए किसान सम्मान निधि के लिए अभियान चलाकर सभी को जोड़ा जा रहा है। वाराणसी, प्रयागराज और विंध्याचल मंडल की संयुक्त गोष्ठी में कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज सिंह ने प्रदेश में मौजूद खूबियों की तरफ सबका ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि 15 उत्पादों में उत्तर प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान रखता है। देश के कुल गेहूं का 35 फीसदी अकेले उत्तर प्रदेश पैदा करता है। किसान अगर अपना उत्पाद सीधे प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को देगा, तो मंडी रेट से पूरी तरीके से छूट दी जाएगी।
उद्यान विभाग के निदेशक आरके तोमर ने करौंदा, जामुन, लंगड़ा आम, प्रयागराज का अमरूद इन सभी पर विभाग की ओर से दी जा रही सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसानों को प्रेरित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि राज्य मंत्री एवं कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज सिंह ने कृषि स्टालों का अवलोकन किया। तीनों मंडलों के सीडीओ ने अपने जिले की कृषि समस्याओं से अवगत कराया।