मछली पालन से परिवार का कर रहे भरण पोषण
कोरोना से पहले किसी ने सोचा भी नहीं था कि जिंदगी कुछ ऐसी भी करवट ले सकती है। हालांकि कोरोना ने लोगों को यह भी एहसास करा दिया कि कुछ भी स्थिर नहीं रहने वाला है। खुद को मजबूती से स्थापित करना बेहद जरूरी है। ऐसे में कबड्डी कोच की भूमिका में रहने वाले प्रशिक्षक धीरज प्रसाद ने भी कुछ नया और अलग करने की ठानी। दोस्तों के सहयोग से मछली पालन शुरू किया और वर्तमान समय में जबरदस्त मुनाफा कमा रहे हैं। दर्जनों महिला खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय फलक तक पहुंचाने वाले धीरज कुमार अपने पुश्तैनी डेढ़ एकड़ की तालाब में मछली पालन करते हैं। शुरूआत में दिक्कत आई लेकिन घबराए नहीं। मंडुवाडीह के यशोदा नगर के रहने वाले धीरज की तरह अन्य युवा भी मछली पालन में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं। मतलब कि एक नए रोजगार की राह धीरज ने दिखा दी।
किराना की दुकान से होम डिलिवरी तक
लॉकडाउन में जब लोग घरों में थे तो बड़ी भूमिका आसपास के जनरल स्टोर व किराना के दुकानदारों ने निभाई। उस दौरान नरिया के पांडेय मुहाल के रहने वाले शैलेंद्र कुमार यादव बच्चा ने लोगों के घर होम डिलिवरी की सुविधा शुरू की। यह लोगों को इतना पसंद आया और समय की बचत समझ में आई कि अभी भी लोग आर्डर पर सामान मंगवा रहे हैं। दरअसल, एक नये व्यापार को बढ़ावा भी मिला। बच्चा यादव अभी भी होम डिलिवरी की सुविधा दे रहे हैं। बीएचयू लंका आसपास इलाकों में डिलिवरी मैन द्वारा सामानों की सप्लाई करा रहे हैं। बताते हैं कि इसमें ठीक ठाक आमदनी हो जा रही है।