अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर बीएचयू स्थित मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में बुधवार को सामाजिक प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए दिव्यांगजन समावेशी समाजों को बढ़ावा देना विषय पर विचार गोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। मुख्य वक्ता दिव्यांगजन आयुक्त कार्यालय, गोवा आयोग के सचिव तहा हाजिक ने कहा कि दिव्यांगता किसी भी व्यक्ति की आत्मसम्मान या महत्वाकांक्षाओं को सीमित नहीं कर सकती। उन्होंने दिव्यांग विद्यार्थियों के संवैधानिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य अतिथि, कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने दिव्यांगजनों की प्रतिभा और क्षमताओं को सराहते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में दिव्यांगों की समावेशिता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए।
संयुक्त कुलसचिव एवं दिव्यांग प्रकोष्ठ समन्वयक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि विवि का प्रयास है कि बीएचयू ऐसा संस्थान बने, जहां दिव्यांगता किसी भी छात्र की शिक्षा, प्रतिभा या भविष्य की राह में बाधा न बने।
कार्यक्रम में प्रो. ए. गंगाधरन (इतिहास विभाग) और डॉ. अपाला शाह (भूगोल विभाग) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। विश्वविद्यालय की ओर से दोनों अतिथियों का पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में इंद्रजीत साकेत द्वारा नटराज स्तुति की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। संचालन रवि राय, निशा भगत और अभय कुमार शर्मा व धन्यवाद ज्ञापन शोधार्थी राहुल यादव ने किया।