वित्तीय वर्ष 2016-17 में 322 के मुकाबले 334 रेल इंजनों का निर्माण
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वित्तीय वर्ष 2016-17 में डीरेका ने अब तक के सर्वाधिक उत्पादन का एक और कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। रेलवे मंत्रालय और बोर्ड की तरफ से दिए गए 322 रेल इंजनों के निर्माण लक्ष्य के सापेक्ष डीरेका ने 334 इंजन बनाए हैं। यह अब तक का सर्वाधिक है।
इनमें पहली बार डीरेका में निर्मित दो इलेक्ट्रिक इंजन भी शामिल हैं। निर्यात के क्षेत्र में भी डीरेका ने उपलब्धियों का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को किसी गैर रेलवे ग्राहक को अपना पहला हाई हार्सपावर अत्याधुनिक रेल इंजन भेजा।
4500 उच्च अश्वशक्ति का यह इंजन ओपीजीसी (ओडिशा पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) को भेजा गया है। शुक्रवार को लोको असेंबली शॉप में आयोजित समारोह में मुख्य यांत्रिक इंजीनियर सुनीत शर्मा ने इस डब्ल्यूडीजी4डी रेल इंजन को विधिवत पूजन के साथ हरी झंडी दिखाई।
इसके पूर्व न्यू ब्लॉक शॉप में वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान डीरेका निर्मित अब तक के सर्वाधिक 300वें उच्च अश्व शक्ति क्रैंककेस को झंडी दिखाकर रवाना किया गया।