उन्होंने कहा कि पोर्टल पर निस्तारण आख्या अपलोड करना पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान होना चाहिए। सगड़ी, फूलपुर, सदर, बूढ़नपुर और लालगंज तहसीलों में अधिक शिकायतें मिलने पर संबंधित नायब तहसीलदारों को गांवों में जाकर प्रकरणों की समीक्षा करने को कहा।
विद्युत विभाग में असंतुष्ट फीडबैक अधिक मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। एक्सईएन विद्युत को जेई-वार रिपोर्ट लेकर प्रत्येक शिकायत की समीक्षा करने और समाधान का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारी शिकायतकर्ताओं से स्वयं संवाद कर उनका फीडबैक लें। असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों में मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कराएं। जिन गांवों से बार-बार शिकायतें मिल रही हैं, वहां समस्या के मूल कारण की पहचान कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि आईजीआरएस शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी अधिकारी शिकायतों की नियमित निगरानी करें और निर्धारित समय-सीमा में उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में नहीं जाना चाहिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) नरेंद्र सिंह, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा आदि अधिकारी मौजूद रहे।