बनारस में आयोजित दो दिवसीय पर्यावरण कुंभ का उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पर्यावरण कुंभ का शुभारंभ करते हुए डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि आज पूरा विश्व प्रकृति से खिलवाड़ का नतीजा भुगत रहा है।
हम जलवायु परिवर्तन के संकट से अपने ही अमानवीय व्यवहार के कारण जूझ रहे हैं। हम प्रकृति के मूल को बदलने की कोशिश कर रहे हैं जो कि सही नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित इस पहले वैचारिक कुंभ में उन्होंने कहा कि मनुष्य की जीवनशैली और प्रकृति की बीच तारतम्यता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म व संस्कृति के जरिये प्रकृति को संरक्षण का भाव दिया जा सकता है।
मुख्य वक्ता आरएसएस के सुरेश सोनी ने कहा कि आज पर्यावरण के कारण जीवन के अस्तित्व पर संकट आ गया है और ये संकट संपूर्ण मानव जीवन के लिए है। जंगल कम होते जा रहे हैं, मिट्टी खराब हा चुकी है।
पशु पक्षियों की प्रजातियां विलुप्त हो चुकी हैं। रोग बढ़ रहे हैं। अगर ऐसा ही रहा तो इस सदी के अंत तक पृथ्वी जीने लायक नहीं रहेगी। विकास की अंधी लालच की दौड़ में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है।
इन सबका हल हमारे भारतीय ज्ञान के मूल में ही है। आवश्यकताओं की पूर्ति और इच्छाओं का शमन, ये हमारे मूल में निहित थी। हम इसे अपनाकर प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन को बचा सकते हैं। जल, पृथ्वी, पेड़ के संरक्षण के साथ जैविक व्यवस्था पर हमें लौटना होगा।