वाराणसी। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में डायलिसिस में लापरवाही के शिकार मरीज अब इधर-उधर भटक रहे हैं। शुक्रवार को डायलिसिस न होने पर मरीज और परिजन डीएम से मिलने पहुंचे लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। उनका कहना है कि डायलिसिस न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीएमओ ने दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस से और सर्विस प्रदाता एजेंसी से रिपोर्ट मांगी है, कि आखिर इस तरह की लापरवाही कैसे हुई। दीनदयाल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा है। यहां हेपेटाइटिस बी और सी के पहले से संक्रमित मरीजों के लिए दो अलग मशीनें हैं और सामान्य मरीजों की डायलिसिस दूसरी मशीन पर की जाती है। दो दिन पहले ही यहां पहले से कुछ संक्रमित मरीजों के सामान्य मशीन पर डायलिसिस करने के बाद उसी मशीन पर कुछ और लोगों की डायलिसिस कर दी गई थी, जिसके बाद कुछ लोग संक्रमित हो गए। जानकारी होने पर मरीजों और परिजनों ने बुधवार और बृहस्पतिवार को हंगामा भी मचाया था। इधर शुक्रवार को भी वही लोग अपनी डायलिसिस कराने पहुंचे लेकिन उनकी डायलिसिस नहीं शुरू हो पाई। यहां से निकलकर डीएम से शिकायत करने गए लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। मरीजों-परिजनों के मुताबिक डीएम से मिलकर न्याय की गुहार लगायी जाएगी। इस बारे में पूछे जाने पर सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि अस्पताल के सीएमएस और सेवा प्रदाता एजेंसी से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।