इंटर पास करने के बाद कोई भी इस यूनिवर्सिटी में दाखिला ले सकेगा। हर साल ऐसे छात्र जिनमें योग्यता तो हैं लेकिन किसी कारण वश ऑफलाइन प्रवेश नहीं ले पाते हैं, उनको प्रवेश का पूरा मौका मिलेगा। युवाओं में कौशल विकास के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की जा रही है।
बीएचयू के कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने बताया कि नई शिक्षा नीति का लाभ छात्रों के साथ ही शिक्षण संस्थानों को मिल रहा है। छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है। जिस तरह से तकनीक का दायरा बढ़ता जा रहा है, अब अंतर विषयक शिक्षा भी समय की मांग हो गई है। बताया कि रुद्राक्ष में आयोजित तीन दिवसीय शिक्षा समागम में विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग पर भी बात होगी।
प्रेस कांफ्रेंस में प्रो. जगदीश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को पढ़ाई के साथ ही आगे बढ़ने और स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने की दिशा में बड़ा कदम है। इसमें छात्रों को अंतरविषयक अध्ययन और शोध का भी मौका मिलेगा। मतलब विज्ञान का छात्र सामाजिक विज्ञान, हिंदी सहित अन्य विषयों में अपनी रुचि के अनुसार पढ़ाई ले सकता है।
इसका लाभ शिक्षकों को भी मिलेगा। पिछले दो साल में नई शिक्षा नीति को लेकर कई अच्छे परिणाम भी आए हैं। तीन दिवसीय शिक्षा समागम में इन परिणामों पर भी चर्चा की जाएगी। शिक्षा समागम का यूजीसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म से पूरे देश में प्रसारण किया जाएगा। इससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। कौशल विकास के साथ ही स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना भी यूजीसी का मुख्य उद्देश्य है।
शिक्षा मंत्रालय के तीन दिवसीय अखिल भारतीय शिक्षा समागम में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएम सहित अन्य जगहों से 400 से अधिक शिक्षाविद मंथन करेंगे। समागम को लेकर जो प्रस्ताव रखे गए हैं, उन पर चर्चा के बाद उसका मसौदा सभी शिक्षण संस्थानों को भेजा जाएगा।
नई शिक्षा नीति 2020 के लागू होने से जहां विश्वविद्यालयों की रैकिंग में सुधार होगा, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाने में कामयाबी मिलेगी। यूजीसी चेयरमैन प्रो. एम जगदीश कुमार के नेतृत्व में यूजीसी की पूरी टीम भी बुधवार को काशी आ गई है।
समागम में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और बीएचयू सह आयोजक हैं। बृहस्पतिवार को दोपहर में 2.45 बजे रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में प्रधानमंत्री समागम का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, यूजीसी चेयरमैन प्रो. एम जगदीश कुमार, नई शिक्षा नीति ड्रॉफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. के कस्तूरीरंगन मौजूद रहेंगे।