फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस विधायक नदीम जावेद की गाड़ी मामले की जांच करेंगे डीआईजी

Tue, 24 Jan 2017 05:25 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
कांग्रेस विधायक नदीम जावेद की प्राडो गाड़ी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जौनपुर के कांग्रेस विधायक नदीम जावेद की प्राडो गाड़ी के मामले में आईजी जोन एसके भगत ने जांच शुरू करा दी है। जांच डीआईजी रेंज विजय भूषण को दी गई है। मौजूदा विवेचक को भी बदलने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन

मामले में सोमवार को वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा विधायक रवींद्र जायसवाल के साथ आईजी से मिला था। इसके बाद आईजी ने जांच का फैसला किया।
मंगलवार को पुलिस की एक टीम गुड़गांव और चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गई। इस बीच दुर्घटना के 23 दिन बाद सोमवार को प्राडो और आल्टो को फूलपुर थाने में लाया गया। अब तक प्राडो बिजली विभाग के उपकेंद्र परिसर में थी।  
30 दिसंबर को विधायक नदीम जावेद प्राडो से बाबतपुर एयरपोर्ट से जौनपुर जा रहे थे। बाबतपुर के रमईपुर में प्राडो और आल्टो की टक्कर हो गई थी।
प्राडो के चालक जौनपुर निवासी मुकेश पांडेय ने आल्टो चालक के खिलाफ और आल्टो कार सवार गाजीपुर के शेरपुर निवासी शिक्षक प्रवीण कुमार राय और उनके मित्र कमलेश ने प्राडो के चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन

मुकेश ने तहरीर में लिखा था कि प्राडो का नंबर एचआर 72 0010 है। गाड़ी की नंबर प्लेट पर यही नंबर था। जांच में जब यह पता चला कि एचआर 72 0010 नंबर की फार्च्यूनर गाड़ी तो गुड़गांव में चल रही है।
प्रवीण कुमार राय के पिता और बड़े भाई प्रदीप राय समेत अधिवक्ता सोमवार को आईजी से मिले और जांच एसटीएफ से कराने की मांग की। कहा कि प्राडो पर फर्जी नंबर अंकित है। प्राडो का नया नंबर एचआर 70 सी 7425 है।
विज्ञापन

विधायक और चालक से अब तक संपर्क नहीं

वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा विधायक रवींद्र जायसवाल के साथ आईजी से मिला - फोटो : अमर उजाला
हादसे के 23 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस प्राडो के चालक मुकेश पांडेय और हादसे के समय गाड़ी में सवार विधायक नदीम जावेद से पुलिस संपर्क नहीं कर पाई है।
प्राडो की आरसी वकील के जरिए पुलिस तक पहुंचाई गई। नियमत: हादसे के बाद क्षतिग्रस्त गाड़ी की आरसी और चालक का डीएल पुलिस को ले लेना चाहिए था। 
 मामले के  विवेचक का कहना है कि उन्होंने विधायक के सचिव के जरिए उनसे बात करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो पाई। बताया गया कि विधायक की तबीयत ठीक नहीं है। विधायक का नंबर मिलाया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।

इन सवालों का जवाब लेगी पुलिस
वाराणसी पुलिस को चंडीगढ़ और गुड़गांव के परिवहन विभाग से इन प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी लेनी है।
- विवेचक रामप्रीत यादव के मुताबिक प्राडो गाड़ी की आरसी पुलिस को 12 जनवरी को दी गई। आरसी के मुताबिक प्राडो पूर्व में गुड़गांव के राजेश कुमार की थी। राजेश ने जावेद इकबाल को गाड़ी बेची लेकिन नंबर नहीं बेचा। जावेद इकबाल ने प्राडो का चंडीगढ़ से नया नंबर एचआर 70 सी 7425 लिया। इसी गाड़ी से विधायक नदीम जावेद चलते हैं। प्राडो पर नया नंबर नहीं लगाया गया। पुलिस को दी गई आरसी पर ट्रांसफर की तारीख स्पष्ट नहीं है। गाड़ी को 2014 में ट्रांसफर कराया गया था या फिर 2017 में ? 
- गुड़गांव के राजेश कुमार ने 2010 में प्राडो खरीदी। बाद में स्कार्पियो और फिर फार्च्यूनर ली। गाड़ियां बदलते रहे लेकिन नंबर एचआर 72 0010 ही रहा। सवाल यह है कि प्राडो और स्कार्पियो भी एचआर 72 0010 पर ही चल रही हैं या उनका नंबर बदला गया? 
- हादसे  के बाद प्राडो की आरसी को पुलिस को दी गई लेकिन इंश्योरेंस का पेपर नहीं दिया गया। इंश्योरेंस पेपर पर गाड़ी का कौन सा नंबर दर्ज है?
- गाड़ी की आरसी पर दर्ज नया नंबर (एचआर 70 सी 7425) हरियाणा में इस समय किस जिले में चल रहा है? 2014 में किस नंबर की सीरीज चल रही है? 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें