शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
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वाराणसी में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य पद पर दोबारा द्वारिका-शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का अभिषेक कराने की कुछ विद्वानों की मुहिम को झटका लग सकता है।
काशी विद्वत परिषद जहां हाईकोर्ट की ओर से इसके लिए नामित संस्था भारत धर्म महामंडल के साथ मिलकर स्वरूपानंद के नाम पर सहमति बनाने की कोशिशों में जुटी है, वहीं कुछ विद्वानों में इस प्रस्ताव को लेकर मतैक्य नहीं है।
कहा जा रहा है मठाम्नाय अनुशासन के तहत चयन प्रक्रिया अपनाए जाने पर इस पद के लिए स्वामी स्वरूपानंद उम्मीदवारी नहीं कर सकेंगे। भारत धर्म महामंडल के कुछ शीर्ष पदाधिकारियों को द्वारिका शारदा पीठाधीश्वर के विद्या मठ से बुलावा भी आया लेकिन उन्होंने वहां जाने से इनकार कर दिया।
अथर्ववेद की ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के लिए उम्मीदवारों के नाम आने लगे हैं। चंडीगढ़ से एक नाम का लिफाफा भारत धर्म महामंडल को भेजा गया है। इसकी पुष्टि गुरुवार को महामंडल के एक पदाधिकारी ने की।
उधर, काशी विद्वत परिषद से जुड़े एक पदाधिकारी का कहना है कि द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के अलावा देश में इस पद के लिए दूसरा कोई योग्य आचार्य नहीं है। ऐसे में उनके नाम पर आम सहमति बनाई जाएगी और प्रस्ताव किया जाएगा। इसके बाद वे अपने जिस योग्य शिष्य को ज्योतिष पीठ का उत्तराधिकार देना चाहें, दे सकते हैं।